
समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में उपायुक्त कीर्तिश्री जी की अध्यक्षता में National Mission on Edible Oil–Oilseeds (NMEO–OS) वर्ष 2025-26 अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यकारी समिति (Executive Committee) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने मिशन के उद्देश्यों, लक्ष्यों एवं जिले में इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि खाद्य तेल उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना केंद्र एवं राज्य सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए जिले में तिलहन फसलों के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। इस वर्ष जिले में 2 हजार हेक्टेयर में सरसों की खेती का लक्ष्य निर्धारित है,जिसे VCP के माध्यम से कराया जाएगा।उपायुक्त ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में तिलहन फसलों जैसे सरसों आदि के क्षेत्र विस्तार एवं उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक, प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार गतिविधियों पर विशेष बल दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को मिशन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी ग्राम स्तर तक उपलब्ध कराई जाए तथा किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें आधुनिक तकनीकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। उपायुक्त ने संबंधित विभागों से योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी एवं समय-समय पर प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, मत्स्य पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी, सहकारिता पदाधिकारी, एल.डी.एम. जेएसएलपीएस डीपीएम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। उपायुक्त ने कहा कि सभी विभागों का समन्वित प्रयास ही इस मिशन को सफल बना सकता है। उन्होंने तिलहन उत्पादन के क्षेत्र में स्थानीय संसाधनों के उपयोग, किसानों की सहभागिता एवं तकनीकी सहयोग के माध्यम से जिले को आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया।
