
Chatra : समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में माननीय सांसद, चतरा लोकसभा क्षेत्र कालीचरण सिंह की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत स्वरूप पौधा भेंट कर किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त कीर्तिश्री जी, चतरा विधायक जनार्दन पासवान, सिमरिया विधायक कुमार उज्ज्वल, बड़कागांव विधायक रौशन लाल चौधरी, सांसद प्रतिनिधि रविन्द्र सिंह (हजारीबाग), वन प्रमंडल पदाधिकारी (उत्तरी) राहुल मीणा एवं (दक्षिणी) मुकेश कुमार, उप विकास आयुक्त अमरेंद्र कुमार सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी चतरा जहूर आलम एवं सिमरिया सन्नी राज, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शकील अहमद सहित सभी प्रखंड प्रमुख, दिशा के सदस्यगण एवं विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं—प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, मनरेगा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, बिजली, सड़क निर्माण, पीएम स्वनिधि योजना सहित अन्य योजनाओं—की अद्यतन प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके साथ ही 04 जुलाई 2025 को आयोजित पूर्व दिशा बैठक में उठाए गए बिंदुओं, जिनमें सांसद आदर्श ग्राम योजना, जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) मद से संचालित योजनाएँ, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं पुल निर्माण कार्य, पेयजलापूर्ति, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा मातृत्व वंदना योजना शामिल हैं, उनके क्रियान्वयन एवं अनुपालन की स्थिति पर गहन चर्चा की गई। बैठक के दौरान वृद्धा पेंशन से संबंधित समस्याओं पर विशेष रूप से विचार किया गया। बताया गया कि अधिक आयु के कारण कई लाभुकों के बायोमैट्रिक सत्यापन में कठिनाई आ रही है, जिससे पेंशन राशि की निकासी बाधित हो रही है। इस संबंध में सामाजिक सुरक्षा विभाग ने अवगत कराया कि बायोमैट्रिक के अतिरिक्त आइरिस सत्यापन के माध्यम से भी लाभुकों को लाभान्वित किया जा रहा है, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित न रहना पड़े। इसके अलावा कोयला परियोजनाओं से निकलने वाली राख से आमजन के स्वास्थ्य एवं आंखों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को रोकने के लिए आवश्यक उपायों पर विचार-विमर्श किया गया तथा संबंधित परियोजना अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। कोल परियोजनाओं से जुड़े भारी वाहनों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए भी प्रभावी कदम उठाने पर सहमति बनी, जिससे दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। बैठक में जिले के जर्जर सरकारी विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों की मरम्मती कर उन्हें सुचारू रूप से संचालित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अधिक जनआवागमन वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां दाल-भात केंद्रों के संचालन को सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। इस दौरान सभी प्रखंडों के प्रमुख, मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं को बैठक में रखा। सांसद कालीचरण सिंह ने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए और इसके लिए पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। वहीं उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने सभी विभागीय अधिकारियों को योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के अंत में सभी विभागों द्वारा क्रमवार योजनाओं की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तथा आवश्यक सुधारात्मक सुझाव एवं निर्देश दिए गए।
