
चतरा — नमामी गंगे योजनान्तर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, नई दिल्ली की त्रैमासिक कार्य योजना (अक्टूबर–दिसंबर 2025) के तहत चतरा जिले में छठ पूजा घाट स्वच्छता अभियान एवं कार्तिक पूर्णिमा जनजागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नदियों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों की स्वच्छता, संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन को बढ़ावा देना है।यह अभियान राज्य स्वच्छ गंगा मिशन, नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन, चतरा की देखरेख में संचालित हो रहा है।उपायुक्त श्रीमती कीर्तिश्री ने कहा कि छठ महापर्व प्रकृति, जल और जीवन के गहरे संबंध को दर्शाने वाला पर्व है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे स्वेच्छा से इस अभियान में भाग लें और अपने आसपास के छठ घाटों की सफाई व रखरखाव में योगदान दें।उन्होंने कहा कि “प्रकृति के साथ जीवन चक्र समझने का पर्व” की भावना को सशक्त करते हुए यह पहल जिले में स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उपायुक्त ने सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी छठ घाटों की सफाई पूजा से पूर्व एवं उपरांत सुनिश्चित की जाए।विद्यालयों, महाविद्यालयों, युवाओं, महिला समूहों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह पहल जन-आंदोलन का रूप ले सके। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा स्वीकृत प्रचार-सामग्री एवं बैनरों का उपयोग अनिवार्य होगा, जबकि सभी कार्यक्रमों की फोटो, वीडियो रिकॉर्डिंग और जियोटैग रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेजी जाएगी।उपायुक्त ने कहा कि “स्वच्छ घाट, स्वच्छ जल और स्वच्छ समाज” इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पूजा के दौरान प्लास्टिक, कचरा या अन्य अपशिष्ट सामग्री को जल स्रोतों में न डालें और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
