
चतरा जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से समाहरणालय परिसर से “बाल विवाह मुक्ति रथ” को उपायुक्त कीर्तिश्री जी द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह जागरूकता रथ जिले के सभी प्रखंडों में भ्रमण कर आमजन को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं उससे संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करेगा। बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित 100 दिवसीय विशेष अभियान के अंतर्गत राज्य सरकार के निर्देशानुसार, उपायुक्त चतरा के मार्गदर्शन में जिला समाज कल्याण शाखा एवं लोहरदगा ग्राम स्वराज्य संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में यह अभियान चलाया जा रहा है। इस अवसर पर उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने कहा कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक कुरीति है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय अपराध भी है। इसे जड़ से समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों की सक्रिय और सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जागरूकता रथ गांव-गांव जाकर लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक करेगा और चतरा को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अरुणा प्रसाद ने जानकारी दी कि विभाग द्वारा जिले के सभी पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर “बाल विवाह मुक्त पंचायत” बनाने की दिशा में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह रथ अभियान को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाएगा। लोहरदगा ग्राम स्वराज्य संस्थान के प्रोग्राम मैनेजर श्री विक्रम कुमार ने बताया कि यह रथ जिले के सभी प्रखंडों, थाना क्षेत्रों, पंचायत सचिवालयों एवं प्रमुख बाजार-हाटों का भ्रमण करेगा। अभियान के दौरान जागरूकता संदेशों का प्रसार, हस्ताक्षर अभियान एवं शपथ कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। कार्यक्रम के अवसर पर अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, उप समाहर्ता विनय कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रेणु रवि, जिला शिक्षा पदाधिकारी दिनेश कुमार, एडीएसएस सुकुरमनी लिंडा, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अरुणा प्रसाद, डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट एसोसिएट चन्दन कुमार यादव, जिला समन्वयक विकास कुमार गुप्ता, कार्यकर्ता सीमा कुमारी, शांति देवी, निर्मला कुमारी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
