
चतरा जिले की धरती फिर शर्मसार हुई। इटखोरी थाना क्षेत्र के पीतिज उप स्वास्थ्य केंद्र से महज 100 मीटर दूर एक नवजात शिशु का शव मिला, जिसने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया। सुबह मे घर से निकली एक महिला की नजर नवजात शिशु पर पड़ी जिससे महिला का दिल दहल गया, मासूम की लाश, ठंडी धरती पर पड़ी।खबर फैलते ही गांव में भगदड़ मच गई। लोग जमा हो गए, आंखें नम, मन उदास। “कौन सा राक्षस ऐसा कर सकता है! यह सवाल हर मुंह से निकल रहा था । ग्रामीणों ने बाल संरक्षण योजनाओं और जागरूकता अभियानों पर तीखा सवाल ठोका। “लाखों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन फायदा शून्य! अगर सही तरीके से जागरूकता फैलाई जाती तो आज यह काला दिन न आता,” बोले स्थानीय ग्रामीण ।उप स्वास्थ्य केंद्र के ठीक पास यह घटना कर्मचारियों की लापरवाही को भी कुरेद रही। क्या कोई महिला यहीं जन्म देकर भागी, या कोई और साजिश है,पुलिस को सूचना मिलते ही इटखोरी थाने की टीम पहुंची। शव को कब्जे में ले पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने कहा, “जांच तेजी से चल रही। दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।”मानवता का चेहरा तार-तार करने वाली यह घटना सवाल छोड़ गई—ऐसी निर्दयी मां कैसे हो सकती है, क्या समाज की उदासीनता इसका कारण है, जिले में अब ऐसी घटनाओं पर कड़ाई बरतने की मांग तेज हो गई है।
