
हजारीबाग, झारखंड | झारखंड में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। हजारीबाग जिले के गोरहर थाना क्षेत्र के पनतीतरी जंगल में सोमवार सुबह हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने कुख्यात और एक करोड़ का इनामी भाकपा (माओवादी) केंद्रीय समिति सदस्य सहदेव सोरेन को मार गिराया। इस मुठभेड़ में दो और नक्सली — *रघुनाथ हेम्ब्रम उर्फ चंचल (25 लाख का इनामी, सैक सदस्य) और बिरसेन गंझू उर्फ रामखेलावन (10 लाख का इनामी)—भी ढेर हो गए।
सूत्रों के अनुसार, कोबरा बटालियन, गिरिडीह और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि सहदेव सोरेन किसी बड़ी नक्सली वारदात की तैयारी में है। इसी आधार पर अभियान चलाया गया और माओवादियों से मुठभेड़ हो गई। सर्च ऑपरेशन के दौरान मौके से तीनों शव और तीन एके-47 ऑटोमैटिक हथियार बरामद किए गए।
पुलिस मुख्यालय ने इस मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए इसे नक्सल सफाई अभियान की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग और गिरिडीह के एसपी सहित वरीय अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं। इलाके में सर्च अभियान अभी भी जारी है।
जानकारी के मुताबिक, मारा गया सहदेव सोरेन हजारीबाग के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के मंदेरी गांव का निवासी था और माओवादी संगठन में केंद्रीय कमेटी का सक्रिय सदस्य था। उसके नाम पर कई गंभीर मामले दर्ज थे।
इस मुठभेड़ में कोबरा 209 बटालियन के दो जवान अजय भौमिक एवं सुभ्रतो विश्वास गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दोनों का इलाज आरोग्यम अस्पताल में चल रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सहदेव के मारे जाने के बाद अब झारखंड में सिर्फ तीन नक्सली ही ऐसे बचे हैं जिन पर एक-एक करोड़ का इनाम घोषित है,मिसिर बेसरा, असीम मंडल और अनल उर्फ तूफान।
यह सफलता राज्य में नक्सल उन्मूलन के अभियान को और मजबूती देने वाली मानी जा रही है।
