
Chatra : हंटरगंज के छोटे से कोने से निकली एक ऐसी प्रेम कहानी, जो दिल को छू लेती है। ब्लूरी गांव का साहसी युवक और डाहा की कोमल युवती—दोनों के बीच दो साल से पनप रहा था वो अनकहा प्यार, जो आखिरकार सामाजिक बंधनों को तोड़कर सच्चे रंग में ढल गया। ग्रामीणों की भनक लगी, परिवार हिले, थाने तक बात पहुंची, लेकिन प्यार ने हार नहीं मानी। दोनों पक्षों ने हामी भरी, 22 अप्रैल को शादी की तारीख मुकर्रर हुई। कार्ड छपे, सजावट की तैयारियां जोरों पर… लेकिन तभी आया वो दर्दनाक मोड़। लड़के ने अचानक मन बदल दिया। लड़की का परिवार टूट गया, आंसू बहने लगे। सीधे थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने बुलाई पंचायत। बुजुर्गों की सलाह, ग्रामीणों का दबाव, तर्क-वितर्क के बीच एक ही आवाज गूंजी—प्यार किया है तो शादी करो, इसे सामाजिक मान्यता दो! इंतजार किसका आनन-फानन में हंटरगंज शिव मंदिर सज गया। ना चमचमाती घोड़ी, ना बाजे-गाजे, ना बाराती का शोर—बस फूलों की मालाएं मोबाइलों की चमक और दो दिलों का मिलन। रविवार शाम को वर-वधू ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और वो पल बन गया जिंदगी का सबसे खूबसूरत अध्याय। युवक बोला ये मेरी मर्जी थी।
