
लावालॉंग/चतरा : विगत एक माह पूर्व षड्यंत्र के तहत पुलिस के द्वारा झूठे केस में फंसाकर मंधनियां गांव निवासी पिन्टू विश्वकर्मा को जेल भेजा गया था।इसके बाद पिन्टू के परिजनों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सह बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन सिंह को केश की जिम्मेवारी सौंपी थी।इसके बाद न्यायालय में पिन्टू विश्वकर्मा के विरुद्ध कोई भी साक्ष्य पेश करने में पुलिस विफल रही।जिसके बाद वरिष्ठ अधिवक्ता के द्वारा पेश किए गए दलिलों पर पिन्टू विश्वकर्मा को बाइज्जत बरी कर दिया गया। अधिवक्ता ने बताया कि पिन्टू विश्वकर्मा अपने मंधनियां गांव में प्रज्ञा केंद्र संचालन करने के साथ साथ बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने और साईकिल पंचर की दुकान चलाने का काम करता है।एक माह पूर्व पुलिस ने मावोवादी का पर्चा छापकर मावोवादियों को सहयोग करने का आरोप लगाकर जेल भेज दिया था।परंतु कानून के साथ खिलवाड़ करके लंबे समय तक अपने गंदे मंशे में कानून के रखवाले कहे जाने वाले लोग कामयाब नही हो सकते हैं।कानून के हाथ लंबे हैं इसलिए तो माननीय न्यायालय ने पिन्टू विश्वकर्मा की बेगुनाही को समझा और उसे वरी कर दिया।पिन्टू विश्वकर्मा को न्याय मिलने से सैकड़ों विधार्थियों और मंधनियां पंचायत के लगभग ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है।जेल से छूट कर आने के बाद ग्रामीणों ने हर्ष पूर्वक पिन्टू विश्वकर्मा का स्वागत किया है।
रिपोर्टर मो0 साजिद
