
चतरा जिला के हंटरगंज थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। पांडेपुरा गांव निवासी अब्दुल जब्बार, पिता स्वर्गीय कय्यूम अंसारी, को व्हाट्सऐप पर आए एक लिंक पर क्लिक करना महंगा पड़ गया। लिंक खोलने के कुछ ही समय बाद उनके बैंक खाते से 9,999 रुपये की ऑनलाइन निकासी हो गई। पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर करने के साथ हंटरगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बताया गया कि अब्दुल जब्बार का बैंक खाता बैंक ऑफ इंडिया की हंटरगंज शाखा में है। 28 अगस्त की शाम उनके व्हाट्सऐप पर उनके मौसेरे भाई शाकिर हुसैन के मोबाइल नंबर से एक लिंक प्राप्त हुआ। परिचित व्यक्ति के नंबर से संदेश आने के कारण उन्हें किसी तरह का संदेह नहीं हुआ और उन्होंने लिंक पर क्लिक कर दिया।
लिंक पर क्लिक करने के कुछ देर बाद उनके मोबाइल में असामान्य गतिविधियां दिखाई देने लगीं। पीड़ित के अनुसार, इसके बाद उनका मोबाइल हैक किए जाने की आशंका हुई। इसी दौरान उनके बैंक खाते से एकमुश्त 9,999 रुपये की राशि निकाल ली गई। खाते से रकम निकासी का संदेश मोबाइल पर पहुंचते ही अब्दुल जब्बार को साइबर ठगी का एहसास हुआ।
समय रहते बची रकम दूसरे खाते में की ट्रांसफर
खाते से रुपये निकलने की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने तत्काल सतर्कता दिखाई। उन्होंने बिना देर किए खाते में बची रकम को दूसरे बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया, जिससे आगे की संभावित निकासी को रोका जा सके।
इसके बाद उन्होंने साइबर अपराध की शिकायत के लिए निर्धारित टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर घटना की जानकारी दी। साथ ही हंटरगंज थाना पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलने के बाद हंटरगंज पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस साइबर ठगी के इस मामले से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि पीड़ित के मौसेरे भाई के मोबाइल नंबर से संदिग्ध लिंक किस तरह भेजा गया और लिंक पर क्लिक करने के बाद बैंक खाते से रकम की निकासी कैसे हुई। साइबर अपराधियों द्वारा परिचितों के मोबाइल नंबर या सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल कर लोगों को विश्वास में लेने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। परिचित के नंबर से आए लिंक पर भी न करें आंख मूंदकर भरोसा साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है। खासकर व्हाट्सऐप पर किसी परिचित के मोबाइल नंबर से लिंक आने पर भी सीधे उस पर क्लिक करने के बजाय संबंधित व्यक्ति को फोन कर इसकी पुष्टि कर लेनी चाहिए। लोगों को किसी भी संदिग्ध लिंक के माध्यम से मांगी गई बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, एटीएम/डेबिट कार्ड विवरण, यूपीआई पिन अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। छोटी-सी लापरवाही साइबर अपराधियों को बैंक खाते तक पहुंचने का रास्ता दे सकती है।
