
चतरा जिले के कुंदा थाना क्षेत्र में 28 दिसंबर की उस काली मध्यरात्रि को याद कर आज भी रूह कांप उठती है। ग्राम गेंदरा में श्याम भोक्ता के घर पर नक्सलियों का क्रूर हमला हुआ, जहां मासूम श्याम और उनका साला गोपाल गंझू गोलियों की बौछार में तड़प उठे। खून से लथपथ होकर वे मौत के मुंह से जूझते रहे, वहीं टीएसपीसी के देवेंद्र गंझू और उसके साथी चुरामण गंझू की मौके पर ही सांसें थम गईं। यह न सिर्फ एक घटना थी, बल्कि निर्दोषों पर नृशंसता का चित्र था, जो समाज के सीने पर गहरा घाव छोड़ गया।इसी पीड़ा की आग में जलते हुए एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने विशेष जांच टीम गठित की, और कुंदा पुलिस ने कमर कस ली। लावालौंग थाना क्षेत्र के पुरनाडीह गांव से टीएसपीसी नक्सली मोहन गंझू (20 वर्ष), पिता प्रभु गंझू को देशी कट्टा, सात घातक गोलियां (तीन .315 बोर और चार 7.65 एमएम), पल्सर मोटरसाइकिल व एंड्रॉइड फोन के साथ धर दबोचा। यह गिरफ्तारी न केवल कानूनी जीत है, बल्कि उन घायलों की चीखों को न्याय की पहली सुनवाई देने जैसी लगती है!कुंदा थाना कांड संख्या-42/2025 (दिनांक 29.12.2025) धारा 191(2)/191(3)/190/127(2)/115(2)/118(2)/109/333 भारतीय न्याय संहिता एवं 25(1-बी) ए/26/27/35 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। एसपी ने बताया कि बाकी अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है। इस बहादुर दल में सिमरिया एसडीपीओ शुभम कुमार खंडेलवाल, सिमरिया अंचल के पुलिस निरीक्षक सनोज कुमार चौधरी, कुंदा थाना प्रभारी प्रिंसन कुमार सिंह, लावालौंग थाना प्रभारी प्रशांत कुमार मिश्र, कुंदा थाना के पुअनि विक्रम कुमार, आरक्षी/810 धनेश्वर कुमार, तकनीकी शाखा और कुंदा थाना सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
