
कान्हाचट्टी (चतरा): नववर्ष 2026 के स्वागत में एक जनवरी को कान्हाचट्टी प्रखंड के लोकप्रिय तामसीन वाटरफॉल पर पर्यटकों का अपार हुजूम उमड़ पड़ा। चतरा, हजारीबाग, लातेहार, रामगढ़, रांची जैसे आसपास के जिलों से सुबह सात बजे से ही वाहनों का तांता लग गया। दोपहर दो बजे तक पूरा इलाका सैलानियों से लबालब से भर चुका था, जिससे पूरा परिदृश्य किसी विशाल मेले जैसा हो गया। हरे-भरे जंगलों के बीच बहते झरने की ठंडी फुहारों ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।सुहावने सर्दी के मौसम और नववर्ष छुट्टी का लोगों ने खुलकर आनंद लिया। परिवारों संग आए सैलानी झरने की प्राकृतिक सुंदरता में खोए नजर आए। बच्चे पानी में चिल्लाते-पड़े लुत्फ ले रहे थे, वहीं युवक-युवतियां सेल्फी और रील्स बनाते हुए सोशल मीडिया पर तामसीन की तस्वीरें वायरल कर रहे थे। कई परिवारों ने चटाई बिछाकर पिकनिक का मजा लिया । “यहां का पानी इतना साफ और ठंडा है, साल भर की थकान मिट गई,” बोले चतरा के रहने वाले राजेश कुमार, जो परिवार संग पहली बार आए थे।हालांकि, उत्साह के बीच सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। संकरी पगडंडियों पर वाहनों का लंबा जाम लग गया, पार्किंग की भारी कमी से लोग सड़क किनारे ही गाड़ियां खड़ी करने को मजबूर हुए। झरने के निचले हिस्से में भीड़ जमा होने से फिसलन भरी चट्टानों पर खतरा मंडराने लगा। कुछ युवा जोखिम भरे स्थानों पर चढ़ने की कोशिश करने लगे, जिसे ग्रामीणों ने रोका। थोड़ी। एक पर्यटक ने कहा, “भीड़ ज्यादा थी, लेकिन लोकल भाइयों ने जान जोखिम में डालकर मदद की।”प्रशासन ने झरने के खतरनाक हिस्सों पर चेतावनी बोर्ड लगाए और लाउडस्पीकर से अपील की, लेकिन पर्याप्त बैरिकेडिंग न होने से चुनौती बनी रही। सैलानियों ने मांग उठाई कि भविष्य में नववर्ष, होली-दीवाली जैसी छुट्टियों पर विशेष तैयारियां हों—अतिरिक्त पुलिस बल, स्थायी पार्किंग जोन, मोबाइल शौचालय, चिकित्सा इकाई और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। “यह जगह इतनी खूबसूरत है ।स्थानीय निवासियों का मानना है कि तामसीन वाटरफॉल पर पर्यटकों की संख्या पिछले दो वर्षों से दोगुनी हो चुकी है। ग्रामीण ने बताया हमारे गांव में रोजगार बढ़ा है—चाय-समोसे बिकते हैं, गाड़ियां चलती हैं।” यदि जिला प्रशासन इको-टूरिज्म को बढ़ावा दे, सड़क चौड़ी करे, रेस्ट हाउस बनाए और प्रमोशन करे, तो तामसीन चतरा जिले का प्रमुख पर्यटन स्थल बन सकता है। आने वाले समय में यह झारखंड के टॉप डेस्टिनेशन की सूची में शुमार हो सकता है।
कान्हाचट्टी, संवादाता, नितेश कुमार सिंह
