
Chatra : एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम ऐतिहासिक धरती बलिदानियों एकता अखंडता की धरती पर चतरा की जनता से जुड़ी मूलभूत सुविधा को लेकर एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम को संबोधित करते हुवे कहा की आजादी 75 वा वर्ष का जश्न मना रहे हैं वही चतरा कई विशेष मूलभूत सुविधाओं से वंचित है जिसपर आज तक पहल नहीं किया गया है जनप्रतिनिधियों का पूरे रूप से विकाश के नाम से उदासीन रवैया है चतरा का 1857 का इतिहास शिक्षा स्वास्थ्य पर्यटन धार्मिक बिजली पानी ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई का साधन पार्क कुछ भी साधन जनप्रतिनिधियों के द्वारा मुहैया नही किया गया । जनता का सवाल जो आज तक बना हुआ है।
1.चतरा में एक कॉलेज छोड़कर दूसरा कॉलेज नही हुवा। यहां तक की महिला कॉलेज भी चालू नही हो पाया है
2 चतरा जिले में कई ऐसे गांव है जहा आज भी सड़क नही है पगड़नडियो के सहारे आवागमन करती है । यहां तक की पीने का पानी भी सुध नहीं मिल पाता है।
3 भद्रकाली कुलेश्वरी नगर माता नेमुइया माता की धर्मस्थल होते हुवे भी धार्मिक नगरी के रूप में विकसित क्यू नही किया गया।
4 तमासिन जलप्रपात कई डैम कई पिकनिक स्पॉट है वो आज तक सुंदरीकरण पर विचार नहीं किया गया।
5 1857 ई के स्वतंत्रता संग्राम की युद्ध भूमि जहा शहीद जयमंगल पांडेय नादिर अली खां के साथ सैकड़ो भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को एक साथ फांसी दे दी गई इसकी राष्ट्रीय पहचान आज तक क्यों नहीं।
6 चतरा कृषि प्रधान छेत्र होने के बावजूद आज तक एक कोल्ड स्टोरेज शुरू नही हुवा साथ सिंचाई के लिए नहरों का आज तक निर्माण क्यू नही।
7 चतरा टंडवा में बहुत सारी बड़ी कंपनिया विकसित हो गई है आज तक यूवावो के रोजगार से क्यू नही जोड़ा गया। सिर्फ कंपनी में बाहरी लोग ही क्यों।
8 चतरा जिला से शाम के बाद एक जिला से दूसरे जिला के लिए बस ही नही मिल पाता है तो ट्रेन एयरोप्लेन कब सोचा जाएगा।
- उच्च चिकित्सा की समुचित व्यवस्था नहीं हो पाई है आज भी अच्छी चिकित्सा के लिए दूसरे शहर चतरा जाना पड़ता है। क्यो
10 चतरा में वन एवं खनिज संपदा होने के बावजूद चतरा जिला पिछड़ा क्यू है
11वनों से घिरा होने के बावजूद भी बेतला पार्क जैसा पार्क बनाने पर विचार आज तक क्यू नही।
12 बिजली की समस्या पूर्व की भाती अब तक यथावत बनी हुवी है क्यू
जनता मांगे जनप्रतिनिधियों से जवाब आ रहा है 2024 का चुनाव । केबीसी में सवाल आया की देश का कौन ऐसा संसदीय छेत्र है जहा लोकल उम्मीदवार आज तक लोक सभा में नही जीता गया तो दुर्भाग्य पूर्ण उतर चतरा का नाम आता है ।ये सवाल चतरा क्षेत्र की जनता सवाल ही है जो जनता जानना चाहती है जनप्रतिनिधियों से जनता का होगा सवाल।इसीलिए जनता को जगाने निकले है मेरे पूर्वज शहीद जय मंगल पांडेय भारत की आजादी के लिए फांसी पर चढ़ गया चतरा ऐतिहासिक युद्ध गए की धरती है और आज यहां मूल भूत सुविधा नहीं मिलना यह दुर्भाग्य है इसलिए यह चतरा की धरती से आवाज उठाना मेरा जरूरी था हम चतरा के प्रखंडों तक इस कमी की आवाज को जनता तक ले जायेंगे ।इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित चंद्रपाल पाठक विकाश कुमार केशरी नितेश रंजन देव चौहान ओमप्रकाश रामकुमार राम शशि सिंह विकाश कुमार प्रदीप प्रजापति संजीवन पांडेय चंपा देवी अनिल भारती आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।।
