
चतरा समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में उपायुक्त श्री अबु इमरान की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य विभाग चतरा की समीक्षात्मक बैठक की गई। बैठक मे मुख्य रूप से गर्भवती महिला का एएनसी जाचं, संस्थागत प्रसव, सिजेरियन, आयरन, कैल्श्यिम, फोलिक एसिड, हीमोग्लोबिन जांच, एचआईवी जांच, कुपोषण उपचार केन्द्र, एसएनसीयू, नियमित टीकाकरण, कुष्ठ रोग, टीवी रोग, मलेरिया, एनसीडी स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य संस्थान की आधारभुत संरचना, मानव संसाधन की उपलब्धता,सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मूलभुत सुविधाओं यथा पेयजल, शौचालय, एम्बुलेंश की उपलब्धता को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सोलर आधारित विद्युत सप्लाई जहां बाधित है। उसे संबंधित के साथ समन्वय स्थापित करते दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया।सभी गर्भवती महिलाओं का चारो प्रसव पूर्व जांच कराते हुए शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराने का निदेश दिया गया। उपायुक्त द्वारा जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि गर्भवती महिलाओं के पोषण व्यवस्था एवं उचित परामर्श को सशक्त करना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही साथ सभी आंगनबाड़ी सेविका एवं ए.एन.एम. का उक्त के संदर्भ में उन्मुखीकरण कराना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही उन्होने निदेश दिया कि कुपोषण उपचार केन्द्रों में कुपोषित बच्चों को भर्ती कराना सुनिश्चित करेंगे। सिविल सर्जन को निदेश दिया गया कि लेप्रोसी (कुष्ठ) से विकलांग हुए लोगों के कल्याण के लिए प्रस्ताव तैयार कर अद्योहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराएं। कुष्ठ के पहचान हेतु स्क्रीनिंग को बढ़ाएं। वहीं उन्होने निदेश दिया कि जनजातीय बहुल क्षेत्रों में कोई संदेहास्पद बीमारी यदि संचारित हो तो सघन स्क्रीनिंग कराते हुए उपचार करना सुनिश्चित करेंगे। जिला शिक्षा अधीक्षक को निदेश दिया कि शिक्षा विभाग स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए गर्भवती महिलाओं को परामर्श सेवा देना सुनिश्चित करेंगे। उक्त बैठक में सिविल सर्जन डा. जगदीश प्रसाद, जिला आरसीएच पदाधिकारी डा. एल.आर. पाठक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरजमुनी कुमारी, जिला शिक्षा अधीक्षक अभिषेक बड़ाईक, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डा. मनीष लाल, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, कार्यक्रम प्रबंधक समेत अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
