
झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज में आज एक प्रेरणादायक क्षण देखने को मिला, जब विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही और साइकिलिस्ट समीरा खान 37 देशों की साइकिल यात्रा पूरी कर पहुँचीं। थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और रुकने की व्यवस्था भी की। मध्य प्रदेश के छोटे से गाँव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने वाली समीरा का सफर संघर्षों से भरा है, जो लाखों युवाओं के लिए मिसाल है। समीरा खान ने 11 शिखरों पर चढ़ाई, जिनमें 7 सफल—सबसे उल्लेखनीय नेपाल की 6,859 मीटर ऊँची अमा डबलाम चोटी। और पाकिस्तान के उहरू पिक और अफ्रीका की किलिमंजारो पर साइकिल चलाने वाली पहली भारतीय महिला हुई। बतादें की समीरा का जीवन दर्दनाक शुरुआत से गुजरा—9 साल की उम्र में माँ का निधन, 15 साल की उम्र में पिता का साया उठा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। साइकिल पर दुनिया घूमने का सपना देखा और उसे साकार किया। अब वे देशभर के स्कूलों में जाकर छात्राओं को प्रेरित करती हैं।हंटरगंज में राम नारायण संपोषित प्लस-टू हाई स्कूल का दौरा कर उन्होंने लड़कियों को संदेश दिया: “सपना बड़ा हो, दुनिया तुम्हारी है। पहला कदम हिम्मत से उठाओ। वहीं प्राचार्य अनूप कुमार और शिक्षकों ने उन्हें सम्मानित किया।
