
चतरा जिला के हंटरगंज प्रखंड स्थित मां कौलेश्वरी पर्वत पर रामनवमी के अवसर पर चल रहा नवदिवसीय मेला चरम पर है। पर्वत पर इन दिनों आस्था का ऐसा माहौल है कि प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके को सुरक्षा और सुविधा के मद्देनज़र विशेष निगरानी में रखा है।इसी क्रम में मां कौलेश्वरी विकास प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सह सदर एसडीओ मोहम्मद जहूर आलम तथा जिला परिषद अध्यक्ष ममता कुमारी गुरुवार को पर्वत के तलहटी में पहुंचे और मेला क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया।दोनों ने पूरे पर्वत परिसर,मंदिर मार्ग,भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा चौकियों और सुविधा केंद्रों का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय सीओ सह समिति के सचिव रितिक कुमार,बीडीओ निखिल गौरव, कमान कच्छप, थाना प्रभारी प्रभात कुमार सदस्य कौशलेंद्र कुमार सिंह, व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। एसडीओ ने सभी को सख्त निर्देश दिए कि— भीड़ नियंत्रण, विधि-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा
निरीक्षण के दौरान समिति ने चिकित्सासुविधा,पेयजल,बिजली, पार्किंग,चलने वाले मार्ग,बैरिकेडिंग और शौचालयों की व्यवस्थाओं का एक-एक कर परीक्षण किया। एसडीओ ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि किसी भी श्रद्धालु को बीमारी या शारीरिक परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मौके पर तैनात चिकित्सा टीम, पुलिस बल और प्रशासनिक कर्मियों की ड्यूटी शिफ्टों की समीक्षा करते हुए कहा कि मेला अवधि में 24 घंटे सेवा में किसी तरह की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। आस्था का संगम — कौलेश्वरी पर्वत कौलेश्वरी पर्वत हिंदू, जैन और बौद्ध—तीनों धर्मावलंबियों की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है । रामनवमी के दौरान पर्वत पर स्थित मां कौलेश्वरी मंदिर में दर्शन–पूजन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सीढ़ियों एवं मार्गों का सुधार, और श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की गई है।मेला को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए प्रबंधन समिति, पुलिस प्रशासबाइट – एसडीओ मोहम्मद जहूर आलमन, चिकित्सा दल एवं सुरक्षा बलों की 24 घंटे की तैनाती सुनिश्चित की गई है। अधिकारी लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। रामनवमी के पावन अवसर पर मां कौलेश्वरी पर्वत पर आस्था, अनुशासन और प्रशासनिक समन्वय का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु शांतिपूर्वक और व्यवस्थित वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें, इसके लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ जुटा हुआ है।
