
Chatra : लावालोंग प्रखंड के होसीर गांव में बुनियादी सुविधा के अभाव ने एक बार फिर ग्रामीणों की कठिनाइयों को उजागर कर दिया है। शुक्रवार को आदिम जनजाति (परहिया) समुदाय की महिला गुड़िया देवी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन और स्वास्थ्य कर्मियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण ममता वाहन पहुँच पाना असंभव था, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। ऐसे समय में ममता वाहन चालक मो0 इस्तियाक और सहिया रमी कुमारी ने अदम्य साहस और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए प्रसूता को सुरक्षित अस्पताल पहुँचाने की जिम्मेदारी खुद उठाई। उन्होंने बिना किसी साधन के गुड़िया देवी को कंधे पर टांग कर लगभग एक किलोमीटर पैदल, पथरीले और ऊबड़-खाबड़ रास्ते से नीचे खड़े ममता वाहन तक पहुँचाया। यह प्रयास न सिर्फ प्रशंसनीय था बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति समर्पण की जीवंत मिसाल भी बन गया। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से सड़क नहीं होने के कारण गांव के लोग गंभीर बीमारियों और आपात स्थितियों में भारी जोखिम झेलते रहे हैं। बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं। शुक्रवार की घटना ने एक बार फिर बुनियादी ढांचे के अभाव की गंभीरता को सामने ला दिया। ग्रामीणों ने मो0 इस्तियाक और रमी कुमारी की सराहना करते हुए कहा कि उनके इस प्रयास ने मानवता को नए सिरे से परिभाषित किया है। साथ ही प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की भी जोरदार मांग की है, ताकि भविष्य में किसी मरीज को ऐसी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
रिपोर्टर मो0 साजिद
