
चतरा उपायुक्त रमेश घोलप के निर्देश पर जिला मुख्यालय समेत विभिन्न प्रखंडों में अवैध नर्सिंग होम और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ दो दिनों से कार्यवाई हो रही है। इसी कड़ी में तीसरे दिन मंगलवार को भी जिला प्रशासन की टास्क फोर्स की टीम ने छापामारी की है। अवैध निजी नर्सिंग होम एमजी अस्पताल में छापामारी और बिना डिग्री के डाक्टर चन्दन की गिरफ्तारी के बाद सदर अस्पताल के लेबर रूम में भर्ती महिला मरीजों से पैसे लिए जाने व अन्य इनपुट के आधार पर मंगलवार की देर शाम को चतरा सदर अस्पताल और सिविल सर्जन कार्यालय में अपर समाहर्ता अरविंद कुमार के नेतृत्व में छापामारी की गई। छापामारी टीम में चतरा के अनुमंडल अधिकारी सुरेंद्र उरांव,सिमरिया के अनुमंडल अधिकारी सन्नी राज,गोपनीय प्रभारी मुन्नू कुमार,जिला परिवहन पदाधिकारी इंद्र कुमार,नगर पर्षद प्रशासक विनीता कुमारी,एफएसओ राजेश शर्मा शामिल थे। छापामारी टीम ने सबसे पहले सदर अस्पताल में प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक मनीष लाल के कार्यालय कक्ष में ड्यूटी रोस्टर की जांच की। उसके बाद स्टोर रूम में दवा के स्टॉक की जांच की गई। जांच में कई त्रुटियों के पाए जाने की जानकारी मिली। इसके अलावे स्वास्थ्य सहायता केंद्र,आयुष्मान केन्द्र, चिकित्सक रूम, ओपीडी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, रजिस्ट्रेशन काउंटर,हेल्प डेस्क, हृदय रोग ओपीडी, पैथोलॉजी, ऑपरेशन थिएटर समेत कई वार्डों का निरीक्षण किया गया। इसके अलावे सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य, मरीजों को दी जा रहे नाश्ता और खाना की गुणवता पर भी जानकारी ली गई। इसके बाद जांच टीम लेबर रूम पहुंची। लेबर रूम में महिला मरीजों से पैसे की उगाही की भी शिकायत मिली थी। शिकायत के आलोक में मौके पर उपस्थित प्रभारी नर्स रीता से पूछताछ की गई। इसके अलावे महिला मरीजों को दी जानेवाली सुविधाओं की भी जानकारी ली गई। सदर अस्पताल में की गई जांच टीम का नेतृत्व अपर समाहर्ता अरविंद कुमार कर रहे थे। टीम में जिला परिवहन पदाधिकारी इंद्र कुमार और एफएसओ राजेश शर्मा भी शामिल थे। जांच में अस्पताल के चिकित्सक डॉ अजहर और डॉ अरविंद कुमार केसरी ने सहयोग किया। इस दौरान चतरा के अनुमंडल अधिकारी सुरेंद्र उरांव और सिमरिया के अनुमंडल अधिकारी सन्नी राज सिविल सर्जन कार्यालय में जांच के लिए पहुंचे। जांच टीम ने सिविल सर्जन कार्यालय में पदस्थापित डीडीएम पोखराज के कार्यालय में कागजातों को खंगाला। ज्ञात हो कि सिविल सर्जन कार्यालय में कार्यरत डीडीएम पोखराज पर आरोप है कि इन्होने चतरा में अवैध रूप से संचालित निजी नर्सिंग होमो को वैध बनाने के लिए पैसे लेकर फर्जी तरीके से क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट का लाइसेंस निर्गत किया। इसके अलावा कई नर्सिंग होमो के संचालन में इनकी संदिग्ध भूमिका है। उपायुक्त के आदेश से पोखराज पर प्राथमिकी भी दर्ज करवाई गई है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से पोखराज फरार बताए जाते हैं। इसके अलावा भी सिविल सर्जन कार्यालय में कागजात खंगाले जा रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक सिविल सर्जन चतरा में जांच की जा रही थी। वहीं पत्रकारों से बात करते हुए अपर समाहर्ता अरविंद कुमार ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर जांच की गई है। जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दिया जाएगा। जो दोषी होगा उसपर कार्रवाई की जाएगी।
