
चतरा जिले में लगातार यह शिकायत प्राप्त हो रही थी कि बिना डिग्री के चिक्तिसक यूट्यूब का सहारा लेकर अवैध नर्सिंग होम में जाकर प्रसव जैसे कार्य को अंजाम देकर लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे है। इस पर उपायुक्त श्री रमेश घोलप मामले को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को राज नर्सिंग होम संचालक व डॉक्टर चंदन को अनुमण्डल पदाधिकारी चतरा को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। गिरफ्तारी करते हुए प्राथमिकि दर्ज कर दोनो को जेल भेजा गया। वहीं दूसरे मामले में उपायुक्त श्री रमेश घोलप ने दिनांक-07.07.2024 रविवार को देर संध्या अनुमण्डल पदाधिकारी चतरा व पुलिस बल के साथ लिपदा बाईपास रोड शिव मंदिर के सामने अवैध रूप से संचालित एम.जी. नर्सिंग होम में छापेमारी किया। छापेमारी के क्रम में उन्होने सभी वार्डों का जायजा लिया। जिसमें दो मरीज पाए गए उसी क्रम में नर्सिंग होम के स्टाफ ने बताया कि मै लगभग एक वर्ष से एम.जी. नर्सिंग होम में स्टाफ के रूप में कार्य कर रहा हूं, यहां जिस भी प्रकार का ऑपरेशन होता है वो डॉक्टर चंदन कुमार के द्वारा किया जाता है। लगभग 06 माह पहले एक मरीज के बच्चे का ऑपरेशन के दौरान बाहर निकाला गया जो स्वस्थ नहीं रहने के कारण हजारीबाग भेज दिया गया। कुछ दिनों के बाद उस बच्चे की मौत हो गई, बच्चे की मौत के बाद महिला के परिजनों ने काफी हंगामा किया। जिसके बाद पूर्णिमा सिन्हा ने मामले को किस तरह दबाया इसकी जानकारी मुझे नहीं है। इस नर्सिंग होम में नॉमल प्रसव से ज्यादा ऑपरेशन से प्रसव होते है। प्रत्येक ऑपरेशन चंदन कुमार के द्वारा ही किया जाता था। डॉक्टर चंदन कुमार सिर्फ ऑपरेशन करने आते थे और चले जाते थे। जिसके बाद मरीजों का देख रेख पुर्णिमा सिन्हा के सलाह से होता था, वो जो भी दवाई के लिए बोलती थी हम सभी वहीं दवा को देते थे। ऑपरेशन के लिए लगभग 25000-30000 तक राशि ली जाती रही है। प्रसव के लिए भर्ती मरीज के परीजनों ने भी अपनी बाते कहीं।
*उपायुक्त ने दिया सख्त निर्देश*
उपायुक्त ने कहा लगातार जिले में अवैध रूप से नर्सिंग होम का संचालन हो रही थी। इसे संज्ञान में लेते हुए त्वरित कार्रवाई हेेतु एक टीम का गठन किया गया और छापेमारी की कार्रवाई की गई। छापेमारी के प्रथम दिन एक बिना डिग्रीधारक चिकित्सक एवं नर्सिंग होम संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वहीं मेरे द्वारा स्वयं लिपदा बाईपास रोड शिव मंदिर के सामने संचालित नर्सिंग होम का निरीक्षण किया गया। जिसमें घोर अनियमित्ता और क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट का अवहेलना किया जा रहा था। नर्सिंग होम में कार्यरत कर्मियों एवं सहायोगियों द्वारा भी बिना डिग्री के चिक्तिसकों द्वारा ऑपरेशन करने की बात कही गई। संस्थान में लगे सीसीटीवी डिभीआर बॉक्स को जांच हेतु जप्त किया गया एवं नर्सिंग होम को रविवार को देर रात ही सील कर दिया गया। साथ ही पूर्णिमा सिन्हा, चंदन कुमार एवं अन्य के विरूद्ध सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकि दर्ज की गई है। उन्होने कहा अगर इसमें सदर अस्पताल के पदाधिकारी, कर्मी की संलिप्ता पाई जाती है तो उनके उपर भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिले के आम जनो और गर्भवती माताओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों को किसी भी सुरत में बख्शा नहीं जाएगा। जिले में लगातार छापेमारी अभियान जारी रहेगी। क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट का अवहेलना करने वाले नर्सिंग होम संचालक व पीसी एण्ड पीएनडी अल्ट्रासाउण्ड का अवहेलना करने वाले संचालक के उपर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताते चले कि गिरोह बनाकर अवैध तरीके से अस्पताल का संचालन करना, बिना डिग्री के ऑपरेशन कर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करना, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, भारत सरकार / राज्य सरकार द्वारा नर्सिंग होम / अस्पताल संचालन संबंधी निर्धारित मानकों का अनुपालन नहीं करने एवं सरकारी जांच में सहयोग न कर बाधा डालने जैसे गंभीर आरोपों के आलोक में उपरोक्त संबंधित नर्सिंग होम / अस्पताल के संचालकों के विरूद्ध विधि सम्मत बिहिन्न धाराओं के साथ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
