
Chatra : मादक पदार्थ अफीम के पैदावार की रोकथाम को लेकर आज चतरा जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय सभाकक्ष में सीआईडी आईजी असीम विक्रांत मिंज और बोकारो रेंज के आईजी सुनील भास्कर की संयुक्त अगुवाई पुलिस पदाधिकारियों के साथ हाई लेबल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में हजारीबाग के एसपी अंजनी अंजन और चतरा के एसपी सुमित कुमार अग्रवाल,दोनो जिला के डीएसपी समेत सभी थाना प्रभारी शामिल हुए। समीक्षा बैठक में नारकोटिक्स के तहत आनेवाले मादक पदार्थों की रोकथाम पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। साथ ही पूर्व में अफीम के दर्ज मामलों पर की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली गई। बैठक के पश्चात पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सीआईडी आईजी असीम विक्रांत मिंज ने बताया कि चतरा जिले में मादक पदार्थ अफीम की बड़े पैमाने पर पैदावार होती है। इसको देखते हुए झारखंड पुलिस एनडीपीएस मामलों को लेकर काफी गंभीर है। एक वर्ष पूर्व राज्य के तत्कालीन डीजीपी और मुख्य सचिव अफीम विनष्टीकरण अभियान का शुभारंभ करने चतरा आए थे। उस वक्त पुलिस ने पूरे जिले में अभियान चलाकर 27 हजार एकड़ में अफीम की फसलों को नष्ट कर एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया था।इस वर्ष पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने की योजना है। कहा कि इसी कड़ी में आज से जिले में अफीम विनिष्टिकरण अभियान की विधिवत शुरुआत की जा रही है। कहा कि अफीम की रोकथाम के लिए सरकार पूरी तरह से गंभीर है। जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम हो रहा है। अफीम के मामले में दोषी पाए जानेवाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह व्यवसाई हो अथवा किसी राजनीतिक दल से जुड़े हुए लोग ही क्यूं न हों। एक सवाल के जवाब में श्री मिंज ने कहा कि झारखंड पुलिस की निगाह व्हाइट कॉलर वाले व्यवसाई वर्ग पर भी है। जो अफीम की पैदावार में फाइनेंस करते हैं। कहा कि ऐसे लोगों की पहचान थोड़ी मुश्किल होती है। परंतु चतरा पुलिस ने ऐसे ही एक व्हाइट कॉलर व्यक्ति की संपति को अटैच कर राज्य में रिकॉर्ड स्थापित किया है। इसके अलावा सात से आठ लोगों को चिह्नित किया गया है। इनपर भी जल्द ही कार्रवाई होगी।
