
Hazaribagh : हजारीबाग लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी और आजसू के महासचिव संजय मेहता ने झारखंड में बौद्ध विरासत के संरक्षण और विकास को लेकर एक बड़ी पहल की है। उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर हजारीबाग या चतरा जिले के इटखोरी-मयूरहंड क्षेत्र में सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ़ बुद्धिष्ट स्टडीज (CIBS) की स्थापना की मांग की है। यह प्रस्ताव केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को भेजा गया है। अपने पत्र में मेहता ने कहा है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा हजारीबाग के बहोरनपुर और आसपास के क्षेत्रों में हुए उत्खनन में 900 वर्ष पुराने बौद्ध मठ, भगवान बुद्ध और देवी तारा की प्राचीन मूर्तियां तथा मंदिर के अवशेष मिले हैं। इससे स्पष्ट होता है कि 9वीं से 12वीं शताब्दी के बीच यह क्षेत्र बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र रहा है। संजय मेहता ने अपने प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया कि चतरा जिले के इटखोरी स्थित भद्रकाली मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में पाल कालीन बौद्ध अवशेष बड़ी संख्या में मिले हैं, जिनमें सैकड़ों बुद्ध प्रतिमाएं, स्तूप और ब्राह्मी लिपि के शिलालेख शामिल हैं। यह क्षेत्र बौद्ध तपोभूमि के रूप में ऐतिहासिक महत्व रखता है। उन्होंने तर्क दिया कि हजारीबाग में बोधगया से निकटता, बेहतर सड़क-रेल कनेक्टिविटी है वहीं चतरा में शांत प्राकृतिक वातावरण इसे बौद्ध अध्ययन के लिए आदर्श बनाता है। इस संस्थान की स्थापना से जहां प्राचीन विरासत का संरक्षण होगा, वहीं स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा, शोध के अवसर और रोजगार भी मिलेगा। साथ ही, बौद्ध सर्किट के विकास से झारखंड में सांस्कृतिक पर्यटन को नई पहचान मिल सकती है।
