
चतरा मे उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर मंगलवार सुबह छठ महापर्व का समापन श्रद्धा और उल्लास के बीच हुआ। छठ तालाब स्थित घाट पर रंग-बिरंगी लाइटों से सजे मंचों ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक वातावरण से आलोकित कर दिया। श्रद्धालु और व्रती भक्ति में मग्न दिखे।सूर्या क्लब की ओर से आयोजित भव्य गंगा आरती में राज्य के पूर्व मंत्री सत्यानंद भोगता शामिल हुए। उन्होंने छठ को लोक आस्था, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण का पर्व बताते हुए कहा कि यह समाज में एकता और स्वच्छता का संदेश देता है।सोमवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद मंगलवार को लोगों ने उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। जिले के प्रमुख छठ घाटों—कठौतिया, पुरैनिया, हरलाल तालाब और हैरू डैम—पर भी भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे। पूरे क्षेत्र में छठ गीतों की गूंज और आस्था का माहौल छाया रहा। वही छठ पर्व को लेकर जिला प्रशासन में पुलिस प्रशासन अपनी अहम भूमिका निभाई, सुरक्षा व्यवस्था का पोख्ता इंतजाम सभी घाटों पर किया गया था, वहीं छठ तालाब पर खुद चतरा एसडीओ जहूर आलम, सदर एसडीपीओ संदीप सुमन अंचल अधिकारी अनिल कुमार मौजूद रहे, यह महापर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का प्रतीक है।
