
चतरा। बीएड कॉलेजों में एडमिशन के नाम पर डोनेशन (अवैध वसूली) का मामला छात्रों के शोषण का गंभीर विषय है। छात्रों का शोषण और दोहन करने के मामले में राज्य के लगभग प्राइवेट बीएड कॉलेजों का समय समय पर नाम आता रहा है। ताजा मामला जिला मुख्यालय के प्राइवेट लाला प्रीतम बीएड कॉलेज से आया है। जहां शुक्रवार को अभाविप के एसएफडी प्रांत संयोजक रोहित पांडे के नेतृत्व में छात्रों ने जमकर हंगामा किया और नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि सत्र 25-27 के लिए कॉलेज में बीएड एडमिशन में 1 लाख 65 हजार रु की राशि निर्धारित है। उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन के माध्यम से कॉलेज में राशि जमा कर दी थी। परंतु काफी समय बीत जाने के बाद भी एडमिशन लिस्ट का प्रकाशन नहीं किया गया। छात्रों ने बताया कि जब कॉलेज प्रबंधन से इस संबंध में बात की गई तो उनके द्वारा अवैध राशि के रूप में एक लाख रु अतिरिक्त मांगे गए। जब छात्रों ने पैसे देने में असमर्थता जताई तो अन्य छात्रों से अवैध वसूली कर लिस्ट का प्रकाशन कर दिया गया। छात्रों का आरोप है कि जब प्रबंधन से पैसे वापस मांगे जा रहे हैं तो उनके द्वारा बीएड की जगह डीएलएड में एडमिशन की बात कही जा रही है। इस प्रकरण पर अभाविप के एसएफडी प्रांत संयोजक रोहित पांडे का आरोप है कि जब इस मामले पर कॉलेज प्रबंधन से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बर्बाद करने तक की धमकी दी। कहा कि फोन पर हुई बातचीत का पूरा ब्यौरा रिकॉर्डेड है। वहीं कॉलेज प्रबंधन की ओर से निदेशक लाला प्रसाद साहू ने अपना पक्ष रखते हुए पूरे मामले को बेबुनियाद बताया है। बहरहाल पूरे घटनाक्रम में एक बात तो स्पष्ट हो रही है कि प्राइवेट बीएड कॉलेजों में एडमिशन के नाम पर गरीब छात्रों का जमकर शोषण होता है। जिन छात्रों का सरकारी कॉलेजों में एडमिशन नहीं हो पाता है,वह प्राइवेट कॉलेजों का रुख करते हैं। और प्राइवेट कॉलेज इस बात का जमकर फायदा उठाते हैं। एक तरह से कहे तो यहां एडमिशन नहीं सीटें बेची जाती हैं।
