
लावालौंग/चतरा : वन अधिकार अधिनियम के तहत लमटा पंचायत सचिवालय में ग्राम सभा का आयोजन किया गया।बैठक में बीडीओ सह सीओ विपिन कुमार भारती,मुखिया अमित कुमार चौबे,कर्मचारी चंद्रदीप गांधी,निशांत कुमार, कल्याण पदाधिकारी अजय कुमार तथा सरकारी अमीन मौजूद रहे।इस दौरान वन भूमि पर लंबे समय से रह रहे भूमिहीन परिवारों की स्थिति की समीक्षा की गई और उन्हें वन पट्टा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई।मौके पर मुखिया अमित कुमार चौबे ने बताया कि पूर्व के वर्षों में लमटा के कई भूमिहीन दलित परिवार वन भूमि पर घर बनाकर रह रहे थे।उस समय विभागीय कार्रवाई के तहत जेसीबी मशीन से उनके घरों को ध्वस्त कर दिया गया था, जिससे सैकड़ों परिवार बेघर हो गए थे।इसके बाद से आसपास के क्षेत्रों में वन भूमि पर दशकों से रह रहे अन्य दलित परिवारों में भी डर का माहौल बना हुआ था।इस विषय को लेकर मुखिया अमित कुमार चौबे ने सिमरिया विधायक कुमार उज्जवल दास को पूरे मामले से अवगत कराया गया था। इसके बाद पन्द्रह दिनों पूर्व विधायक ने दलितों के बीच पहुंचकर स्थल का निरीक्षण भी किया था। इसके बाद विधायक ने दो दिनों पूर्व ही विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए दलित परिवारों को वन पट्टा दिलाने की मांग की थी।इसके बाद प्रखंड प्रशासन सक्रिय हुआ और त्वरित कार्रवाई करते हुए लमटा पंचायत में ग्राम सभा का आयोजन किया गया।ग्राम सभा के दौरान वन भूमि पर लंबे समय से रह रहे भूमिहीन परिवारों की पहचान की गई।इस क्रम में 30 भूमिहीन परिवारों को वन पट्टा के लिए आवेदन फॉर्म दिए गए तथा उन्हें फॉर्म भरकर नक्शा कटवाने के निर्देश भी दिए गए
मुखिया,विधायक और प्रशासन के इस पहल से दलित परिवारों ने राहत की सांस ली है।ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अब उन्हें स्थायी रूप से जमीन का अधिकार मिल सकेगा और वे बिना भय के अपने घरों में रह सकेंगे।
रिपोर्टर मो0 साजिद
