
चतरा जिला के कुंडा थाना क्षेत्र की गेन्दरा गांव की उस काली रात का दर्द अभी ताजा है, जब 28 दिसंबर को आधी रात माओवादी नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। SPO श्याम भोक्ता की छाती में गोली लगी, खून बहा, लेकिन वो जिंदा बच गए। परिवार ने सोचा था, अब शायद को सुकून मिलेगा। लेकिन नक्सलियों का क्रूर चेहरा फिर सामने आ गया!कल रात फिर वही आधी रात का सन्नाटा। श्याम के घर की दीवार पर चुपचाप एक पोस्टर चिपक गया – माओवादी ‘दक्षिणी जोनल कमेटी’ का खौफनाक संदेश। उसमें साफ-साफ लिखा: “SPO श्याम भोक्ता, गांव छोड़कर भाग जाओ, वरना गोली खाने को तैयार रहो!” परिवार को गांव खाली करने की धमकी, और वो पुरानी घटना का जिक्र – “अगली बार मौका नहीं मिलेगा।”पोस्टर में मारे गए नक्सली देवेंद्र गंझू और चुरामन गंझू को ‘शहीद’ बताकर ‘लाल सलाम’ लिखा। उन ग्रामीणों को भी ललकारा, जिन्होंने हमले के वक्त हिम्मत दिखाई। और पुलिस को कोसा गया – “SPO को प्रलोभन देना बंद करो!” पूरा गांव सिहर गया। श्याम का परिवार का रातों की नींद हराम होगई बच्चे डर से कांप रहे। श्याम भोक्ता पर एक मुखबिर का इल्जाम, और अब मौत का साया मंडरा रहा है।
