
चतरा : स्थानीय संत तेरेसा चर्च परिसर में गुड फ्राइडे के उपलक्ष्य में शुक्रवार को विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ फादर नोबोर कुजूर ने सामूहिक प्रार्थना कर किया। तत्पश्चात मिस्सा पूजा का आयोजन किया गया। फादर ने ईसाई धर्मावलंबियों को मानवता का पाठ पढ़ाया। कहा कि जन कल्याण के लिए प्रभु यीशु ने जन्म लिया था। दुनिया के लोगों का पाप से छुटकारा के लिए प्रभु यीशु ने अपना बलिदान क्रुश पर चढकर दिया। उनका एक मात्र उद्देश्य संसार में पाप कम करना था। गुड फ्राइडे मानवता, प्रेम, आदर और क्षमा का संदेश देता है। उसके बाद प्रभु यीशु को क्रूस पर लटकाने से पूर्व उनके साथ की घटित घटनाओं पर आधारित झांकी प्रस्तुत की गई। फादर नोबोर कुजूर ने बताया कि मानव के कल्याण के लिए प्रभु यीशु का जन्म हुआ था। उन्होंने बताया कि प्रभु यीशु को फ्राइडे के दिन ही कलवारी पहाड़ी पर क्रूस से लटकाया गया था। क्रूस पर लटकाए जाने से पूर्व उनके शरीर पर चौदह स्थानों पर विभिन्न प्रकार की यातनाएं दी गई थी। जिसमें प्रमुख व अमानवीय यातनाएं दसवें तथा ग्यारहवें स्थान पर उनका कपड़ा उतारा जाता है। 12वें स्थान पर उन्हें क्रूस पर चढ़ा दिया जाता है। 13वें स्थान पर प्रभु यीशु को क्रूस से उतारा जाता है और 14वें स्थान पर उन्हें कब्र पर रखा जाता है। फादर ने बताया कि मृत्यु के तीन दिन बाद यानी प्रभु यीशु पुन: जीवित हो गए थे। जिसकी खुशी में ईस्टर पर्व मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रभु यीशु ने अपनी जान देकर भी मानव जाति की रक्षा की थी। तभी मानव जाति स्वतंत्र, आजाद व जीवित है। इसी खुशी में हम गुड फ्राइडे मनाते है। मौके पर सैकड़ों की संख्या में इसाई धर्मावलंबी उपस्थित थे।
संवाददाता, प्रवीण कुमार सिंह
