
Chatra : जिले में खराब पड़े चापाकलों की शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। उपायुक्त श्रीमती कीर्तिश्री जी के निर्देश पर अब आमजन खराब पड़े चापाकलों की शिकायत “लोकसेतु चतरा” पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। इस नई व्यवस्था के माध्यम से शिकायतों का जल्द से जल्द निष्पादन सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, अब जिले के किसी भी गांव या शहरी क्षेत्र में यदि चापाकल खराब हो जाता है तो नागरिक https://loksetuchatra.in/Chapakal-Complaint.aspx� लिंक पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा उस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। साथ ही शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की वर्तमान स्थिति https://loksetuchatra.in/Chapakal-Status.aspx� लिंक के माध्यम से ऑनलाइन देख सकते हैं।
जिला प्रशासन का मानना है कि पेयजल से जुड़ी समस्याएं आमजन के दैनिक जीवन से सीधे तौर पर जुड़ी होती हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में चापाकल ही पेयजल का प्रमुख स्रोत है। ऐसे में चापाकलों के खराब होने पर लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ही इस डिजिटल व्यवस्था को लागू किया गया है, ताकि शिकायत दर्ज करने और उसके समाधान की प्रक्रिया सरल एवं पारदर्शी बन सके।उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने कहा कि जिले में पेयजल से जुड़ी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि तकनीक के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की यह व्यवस्था शुरू करने का उद्देश्य यही है कि आमजन को अपनी समस्या दर्ज कराने के लिए कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे ही पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकता है और निर्धारित समय के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का नियमित अनुश्रवण किया जाए तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है, ताकि एक ही चापाकल को लेकर बार-बार शिकायत की स्थिति उत्पन्न न हो। इस पहल से न केवल शिकायतों के त्वरित समाधान में मदद मिलेगी, बल्कि कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। साथ ही यह व्यवस्था पेयजल से संबंधित समस्याओं के प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाएगी। उपायुक्त ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि अपने क्षेत्र में यदि कोई चापाकल खराब पाया जाता है तो उसकी जानकारी तत्काल पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराएं, ताकि समय पर उसकी मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति को सुचारू रखा जा सके।
