
चतरा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक खबर सामने आ रही है। सदर थाना क्षेत्र के तुड़ाग गांव के पास एक सरकारी पशु चिकित्सालय कर्मी का शव संदिग्ध अवस्था में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान गंधरिया गांव के बहराकोचा निवासी 58 वर्षीय योगेंद्र यादव के रूप में हुई है। कल शाम घर से टहलने निकले योगेंद्र जब सुबह तक वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन अंत बेहद दुखद रहा। क्या यह महज एक हादसा है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश?चतरा जिले के तपेज स्थित तुड़ाग गांव आज सुबह उस वक्त दहल उठा, जब महुआ चुनने गए ग्रामीणों ने जंगल के रास्ते में एक अधेड़ व्यक्ति का शव पड़ा देखा। देखते ही देखते यह खबर आग की तरह फैल गई। मृतक की पहचान चर्चित पशु चिकित्सालय कर्मी योगेंद्र यादव के रूप में हुई। योगेंद्र यादव गांधारिया क्षेत्र के एक सम्मानित व्यक्ति थे और उनकी इस तरह संदिग्ध मौत ने ग्रामीणों को आक्रोशित कर दिया है। मौके पर पहुंचे जिला परिषद सदस्य चंद्रदेव गोप, देवरिया मुखिया कृष्णा दुबे और पूर्व मुखिया कुमार विवेक समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने इसे सोची-समझी हत्या करार दिया है।मृतक के भाई उमेश कुमार यादव ने बिलखते हुए बताया कि योगेंद्र यादव कल छुट्टी पर थे। शनिवार शाम करीब 7 बजे उन्होंने परिवार से कहा कि वे ऊंटा मोड़ की तरफ जा रहे हैं। लेकिन जब देर रात तक वे वापस नहीं आए, तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। पूरी रात चतरा और आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई, लेकिन उनका कहीं सुराग नहीं मिला। सुबह देवरिया मुखिया कृष्णा दुबे ने फोन कर जानकारी दी कि जंगल के रास्ते में एक शव मिला है। जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई; वह शव योगेंद्र यादव का ही था।घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ संदीप सुमन और सदर थाना प्रभारी अवधेश सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव के पास से मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसकी कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं। एसडीपीओ संदीप सुमन ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध है, इसलिए साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस हर उस एंगल से जांच कर रही है जिससे यह साफ हो सके कि योगेंद्र यादव वहां कैसे पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।योगेंद्र यादव की मौत ने चतरा में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों की मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए। अब सबकी नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक टीम की जांच पर टिकी हैं।
संवाददाता, प्रवीण कुमार सिंह
