
हजारीबाग जिला परिषद में बड़े पैमाने पर टेंडर घोटाले का आरोप लगाते हुए पूर्व विधायक प्रत्याशी अभिषेक कुमार ने एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से जांच कराने की बात कही है। उन्होंने दावा किया कि जिला परिषद में टेंडर प्रक्रिया खुली लूट में तब्दील हो चुकी है, जहां चार-पांच लोग मिलकर टेंडर का “मैनेजमेंट” करते हैं और तय करते हैं कि काम किसे मिलेगा।
अभिषेक कुमार ने आरोप लगाया कि टेंडर के दिन वे स्वयं मौके पर पहुंचे थे और संबंधित अभियंता से भी मुलाकात कर सवाल किए। उनका कहना है कि भारी गड़बड़ी और अनियमितताएं सामने आई हैं, इसके बावजूद इन्हें रोका नहीं जा रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि आम लोगों को टेंडर नहीं मिल पाता, बल्कि सिर्फ चिन्हित लोगों को ही लाभ दिया जाता है। सैकड़ों आवेदन जमा होने के बाद भी प्रक्रिया को प्रभावित कर शाम तक करोड़ों रुपये का “बंदरबांट” होने का आरोप लगाया गया है।
पूर्व विधायक प्रत्याशी ने कहा कि मोटी कमीशनखोरी के कारण काम की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है और विकास कार्यों में गंभीर खामियां देखी जा रही हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसीबी को औपचारिक आवेदन देने की घोषणा की है।
