
Chatra : लावालॉंग प्रखंड के लमटा उच्च विद्यालय में दसवीं बोर्ड परीक्षा के फॉर्म भरने के नाम पर मासूम छात्रों का शोषण! निर्धारित 980 रुपये के शुल्क के बजाय हर बच्चे से 1480 रुपये ऐंठ लिए गए। दर्जनों छात्र-छात्राओं की आंखों में आंसू और दिल में आक्रोश लिए विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष के नेतृत्व में चतरा उपायुक्त के दर पर पहुंचे ये बच्चे। उन्होंने लिखित गुहार लगाई—’साहब, हम गरीब घरों के हैं, इस अतिरिक्त बोझ से हमारा भविष्य दांव पर लग गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएं, लूटी गई राशि लौटाएं!’आवेदन में दिल दहला देने वाली सच्चाई उजागर हुई—प्रधानाध्यापक सुजीत भगत ने हर छात्र से 500 रुपये अतिरिक्त ऐंठे। विकास शुल्क जोड़ें तो भी कुल 1300 रुपये से ज्यादा नहीं बनता, फिर भी 1480! जब अध्यक्ष ने सवाल किया तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं। न कोई लिखित सूचना, न रसीद—बस लूट मचाई गई। छात्र रोते हुए बताते हैं, ‘पिछले साल भी यही हुआ था, तब भी आंसू बहाए थे हम। अब बस हो गया!’ अभिभावक चिल्ला उठे, ‘हमारे बच्चों का सपना तोड़ने का हक किसे मिला?’प्रधानाध्यापक का बहाना सुनकर गुस्सा और भड़क गया—’फोटोकॉपी, ऑनलाइन एंट्री, डाक खर्च!’ लेकिन ये झूठ क्यों? विभाग से पैसा न मिले तो बच्चों का खून क्यों बहाएं? छात्रों की पुकार है—उपायुक्त साहब, न्याय कीजिए! दोषियों पर सख्त कार्रवाई कराएं, वरना इन मासूमों का भविष्य अंधेरे में डूब जाएगा। क्या होगा इन गरीबों का?
रिपोर्टर मो0 साजिद
