
Chatra : लावालौंग थाना क्षेत्र के मंधनियां गाँव की एक वृद्ध विधवा महिला शांति देवी ने चतरा पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर पारदर्शी तरीके से न्याय करने की गुहार लगाई है। एसपी को दिए आवेदन में लावालौंग थाना कांड संख्या 73/25 धारा308(3) 308(4) 308 (5) / 61(2)/3(5) बी० एन० एस० एवं 17(l) (ll)शांति ने न्याय की मांग करते हुए कहा है कि मेरे छोटे पुत्र पिन्टू विश्वकर्मा को पिछले कुछ दिनों पहले एक झूठे आरोप में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का आरोप है कि माओवादी पर्चा छापने,उनका समर्थन करने के साथ पिन्टू के द्वारा रंगदारी एवं लेवी वसूलने के साथ साथ क्षेत्र में आतंक फैलाने का कार्य किया जाता है। वहीं दिए आवेदन में पिन्टू की वृद्ध मां ने कहा है कि विगत दो नवम्बर को पुलिस मेरे पुत्र को उठाकर ले गई।और पुलिस के पदाधिकारी चार अगस्त को पिन्टू को लेकर मेरे घर आए और उसे कैश काउंटर के कुर्सी पर बैठाकर विडीओ बनाया और फिर पिन्टू को अपने साथ लेकर चले गए। यह कार्य बेहद मर्माहत करने वाला है। मेरे पुत्र को षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। और उसके ऊपर लगाए गए सारे आरोप गलत और बेबुनियाद है। जबकि मेरा पुत्र पंन्द्रह वर्षों से ट्यूशन पढ़ाने के साथ साथ साइकिल का पंचर बनाने,कपड़े की छोटी सी दुकान चलाने एवं प्रज्ञा केन्द्र का संचालन कर अपने बाल बच्चों का जीविकोपार्जन कर रहा था।आगे शांति नें पुलिस अधीक्षक से कहा है कि अगर पुलिस को किसी व्यक्ति के द्वारा कोई गुप्त सूचना मिली थी तो गहनता से छानबीन करने के बाद ही पुलिस के द्वारा कोई कदम उठाया जाना चाहिए था। आगे उन्होंने पुलिस अधीक्षक से कहा है कि अब तो मेरा पुत्र जेल की सजा काट ही रहा है। परंतु कम से कम अब भी आप उक्त विषय की पारदर्शिता के साथ जांच करते हुए मेरे बेकसूर पुत्र के ऊपर लगने वाले उग्रवाद के धब्बे और कलंक से बरी करें ताकि पुलिस के प्रति जनता में सम्मान और विश्वास कायम रहे।
रिपोर्टर मो० साजिद
