
चतरा, झारखंड: झारखंड पुलिस ने राज्य को नशामुक्त बनाने के अपने मिशन में एक ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। पहली बार एनडीपीएस अधिनियम के तहत अफीम तस्करी से अर्जित करोड़ों की काली कमाई पर गाज गिरी है। चतरा जिले की पुलिस ने जिला परिषद सदस्य के पुत्र राजेश कुमार उर्फ राजेश दांगी की करोड़ों की चल-अचल संपत्ति को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के चैप्टर V-A के तहत की गई है, जो पूरे झारखंड में अब तक की सबसे बड़ी जप्ती मानी जा रही है।पुलिस अधीक्षक सुमीत कुमार अग्रवाल के निर्देशन में एनडीपीएस सेल, सिमरिया एसडीपीओ शुभम कुमार खंडेलवाल, पुलिस निरीक्षक सनोज कुमार चौधरी समेत विशेष टीम ने यह कार्रवाई पूरी की। कार्रवाई से पहले सक्षम प्राधिकारी, कोलकाता से धारा 68F के तहत विधिवत अनुमति ली गई थी।क्या-क्या संपत्ति हुई जब्त2.47 डी जमीन और तीन मंजिला पक्का मकान, खेलगाँव, रांची — ₹67,00,0004.33 डी जमीन और करकटसीट मकान, खेलगाँव, रांची — ₹17,50,000पाँच बैंक खातों में जमा राशि — ₹3,42,079
कुल अनुमानित जप्त संपत्ति — ₹87 लाख से अधिक अवैध कमाई का खुलासा जांच में यह बात सामने आई कि राजेश दांगी ने वर्षों से अफीम तस्करी में संलिप्त रहकर अवैध रूप से भारी संपत्ति अर्जित की थी। उसने अपनी काली कमाई को रांची में भूमि, मकान और बैंक खातों में छुपा रखा था। इन संपत्तियों को अब पुलिस ने फ्रीज और जब्त कर लिया है।राजेश दांगी के खिलाफ पूर्व में भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं — गिद्धौर थाना कांड संख्या 07/2015 और चौपारण थाना कांड संख्या 132/2019, जिसमें वह एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में आरोपी है।
पुलिस की सख्त चेतावनी
पुलिस कप्तान सुमीत अग्रवाल ने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। “काली कमाई से जीवन चलाने वालों की अब खैर नहीं। जो भी व्यक्ति नशा कारोबार से संपत्ति बना रहा है, उसकी पहचान की जा चुकी है। आने वाले दिनों में और बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी।”इस ऐतिहासिक कदम के बाद राज्य के अन्य जिलों में भी इसी मॉडल पर बड़े पैमाने पर जांच शुरू करने की तैयारी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि नशा कारोबार की जड़ पर प्रहार कर समाज को स्वच्छ और सुरक्षित बनाया जाए।
