
चतरा : लावालौंग थाना क्षेत्र के लावालौंग पंचायत के मदनडीह गांव में एक भैसुर ( जेठ) ने रिश्ते को शर्मशार करने का कार्य किया है। उक्त विषय को लेकर गांव की दुष्कर्म पीड़िता रानी देवी (काल्पनिक नाम) तीन तारीख से ही घर से थाने, थाने से घर का चक्कर काट रही है। उसने लावालौंग थाना में अपने साथ घटित घटना को लेकर आवेदन भी दिया है। परंतु दो दिनों से आरोपी को गिरफ्तार करने से नदारत रही तथा थाना प्रभारी रुपेश कुमार उल्टा मामले को हजम करने की हर संभव फिराक में जुटे हैं, ऐसा पीड़िता के पति ने बताया। साथ ही साथ यह उसके कहा कि दिनभर थाना में बैठाने के बाद गुरुवार को यह कहकर मुझे वापस भेज दिया गया कि घर जाओ नहीं तो आरोपी के द्वारा तुम्हारे ऊपर भी मामला दर्ज करवाया जा सकता है। हार थककर पीड़िता एवं उसके पति ने मीडिया में गुहार लगाई है। पीड़िता ने बताया कि शाम के लगभग सात बजे मैं शौच के लिए खेत में गई थी। इसी बीच पास में ही दुबके तथा घात लगाकर गांव का ही अशोक यादव आकर मेरा मुंह बंद कर दिया। और चिल्लाने पर जान से मारने की धमकी देने लगा। फिर मेरा मुंह और गला दबाकर मेरे साथ दुष्कर्म किया। फिर किसी को बताने पर पति समेत जान से मारने की धमकी देने लगा। खेत के समीप ही बकरियों को लाने के लिए जा रहे कुछ युवक मेरे साथ हो रहे घटना को देख लिया तो अशोक यादव उन्हें भी फोन करके धमकाने लगा। पीड़िता के पति ने बताया कि हमें न्याय नहीं मिला तो हम लावालौंग थाना के सामने ही आत्मदाह कर लेंगे।इधर कुछ जनप्रतिनिधियों ने लावालौंग थाना प्रभारी रुपेश कुमार के कार्यशैलियों की घोर निंदा करते हुए चतरा पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने की बात कही है। इस बावत थाना प्रभारी से पूछे जाने पर अनजान बनते हुए उन्होंने कहा कि मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं और नाही मुझे कुछ पता है। मामले ऐसा थाना जाकर देख कर बताऊंगा। जबकि पीड़ित परिवार तथा खुद पीड़ित दोनों दिन स्वयं थाना प्रभारी के समक्ष ही गुहार लगाया है। ग्रामीणों में चर्चा है कि थाना प्रभारी के इस कार्यशैली से लोग खुद को तथा अपने बहू, बेटियों को कैसे महफूज रख सकती है।
लावालौंग,संवाददाता,मोहम्मद साजिद
