
लावालौंग (चतरा): जिस सरकारी मदद पर किसान खेती का खर्च निकालते हैं, वही उनके हाथ से छिन गई है। लावालौंग प्रखंड के कई पात्र किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्तें अक्टूबर 2024 के बाद से नहीं मिल पाई हैं। खाद, बीज और जुताई के खर्च के बीच यह राशि रुकने से किसानों की चिंता गहराई है। किसानों का कहना है कि खेती के ऐन दौर में जब जेब खाली हो रही है, तब सम्मान निधि की राशि का न आना उनके लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। इस समस्या को लेकर मुखिया नेमन भारती और राजद बीस सूत्री उपाध्यक्ष सरजू यादव के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल चतरा सांसद कालीचरण सिंह से मिला और ज्ञापन सौंपा।
“हमारा हक नहीं, हमारी उम्मीद रुकी है”
किसानों ने सांसद को बताया कि योजना की राशि सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि खेती के लिए उनकी उम्मीद है। इसके बंद रहने से कई किसानों को खाद-बीज खरीदने और खेत की तैयारी में कठिनाई हो रही है। प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से जल्द जांच कर सभी पात्र किसानों के बैंक खातों में राशि भेजने की मांग की।
ऑपरेटर की गलती से अटका भुगतान
मामले पर अपर समाहर्ता अरविंद कुमार गुप्ता ने बताया कि कंप्यूटर ऑपरेटर लक्ष्मी कुमारी की लापरवाही से डाटा प्रविष्टि में तकनीकी गड़बड़ी हुई, जिसके चलते भुगतान बाधित हुआ है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है। जांच के बाद दोषी पर कार्रवाई करते हुए किसानों का रुका लाभ बहाल कराने के प्रयास किए जाएंगे।
सांसद का भरोसा— जल्द होगा निस्तारण
सांसद कालीचरण सिंह ने किसानों को आश्वस्त किया कि वे उपायुक्त रवि आनंद से मिलकर मामले का शीघ्र निस्तारण कराएंगे। उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं के हक का पैसा रुकना गंभीर विषय है और इसे प्राथमिकता के आधार पर हल कराया जाएगा।
रिपोर्टर मो0 साजिद
