
कान्हाचट्टी (चतरा)। कान्हाचट्टी प्रखंड के ग्रामीण इलाकों की जर्जर सड़कों की समस्या किसी से छिपी नहीं है। लेकिन अब प्रखंड के दो प्रमुख बाजार राजपुर और कान्हाचट्टी की मुख्य सड़कों की स्थिति भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। बरसात के दिनों में थोड़ी सी बारिश होते ही बाजार की सड़कें जलजमाव के कारण तालाब में तब्दील हो जाती हैं। सड़क पर पानी जमा रहने के कारण राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। राजपुर बाजार में इन दिनों सड़क पर जगह-जगह जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी कई स्थानों पर इतना अधिक हो जाता है कि लोगों को यह समझना मुश्किल हो जाता है कि वे किस रास्ते से होकर बाजार से गुजरें। सड़क के दोनों किनारों से किसी तरह लोग आवागमन करने को मजबूर हैं। सबसे अधिक परेशानी पैदल चलने वाले लोगों को हो रही है।
अच्छे कपड़े पहनकर बाजार जाना भी बना चुनौती
राजपुर और कान्हाचट्टी बाजार प्रखंड के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र हैं। प्रतिदिन प्रखंड के विभिन्न गांवों से सैकड़ों लोग खरीदारी, बैंक, दवा, अस्पताल समेत अन्य जरूरी कार्यों से यहां पहुंचते हैं। लेकिन बरसात के दिनों में सड़क की स्थिति देखकर लोगों को आवागमन को लेकर चिंता होने लगती है। सड़क पर जमा पानी से गुजरने के दौरान राहगीरों के कपड़े गंदे होने का खतरा बना रहता है। वहीं, वाहनों के गुजरने पर सड़क पर जमा गंदा पानी पैदल चल रहे लोगों पर पड़ता है। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि जलजमाव के कारण बाजार में आने वाले ग्राहकों को भी परेशानी होती है। वाहनों के साथ पैदल चलना भी मुश्किल
स्थानीय लोगों के अनुसार समस्या केवल वाहनों के आवागमन तक सीमित नहीं है। कई जगहों पर सड़क पर पानी और कीचड़ की स्थिति ऐसी हो जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। लोगों को सड़क के किनारे से होकर किसी तरह अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। बारिश के दिनों में सड़क पर जलजमाव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि मुख्य बाजार की सड़क का यह हाल है, तो प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। दो दशक पहले की सड़क को याद कर रहे बुजुर्ग बाजार में चर्चा के दौरान कुछ बुजुर्गों ने बताया कि करीब दो दशक पहले जब क्षेत्र की कई सड़कें पक्की नहीं थीं, तब भी बरसात में आवागमन की स्थिति आज जितनी खराब नहीं थी। उनका कहना है कि समय के साथ सड़क और बाजार का विकास होना चाहिए था, लेकिन जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश में लोगों की परेशानी बढ़ जाती है।
जलनिकासी की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल सड़क पर जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर है। बारिश का पानी सड़क से निकल नहीं पाने के कारण सड़क पर ही जमा रहता है। लोगों का कहना है कि यदि बाजार की सड़कों के किनारे उचित नाली और जलनिकासी की व्यवस्था कर दी जाए, तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है। लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से राजपुर एवं कान्हाचट्टी बाजार की मुख्य सड़कों का निरीक्षण कर जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। साथ ही सड़क की स्थिति की जांच कर आवश्यक मरम्मत और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की भी मांग उठ रही है। विकास के दावों के बीच जमीनी हकीकत पर सवाल सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास का महत्वपूर्ण आधार मानी जाती है। ऐसे में प्रखंड के प्रमुख बाजारों की सड़कों पर बारिश के दौरान उत्पन्न होने वाला जलजमाव विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को बरसात के दिनों में स्वयं इन सड़कों का निरीक्षण करना चाहिए, ताकि जमीनी हकीकत सामने आ सके। लोगों का कहना है कि बाजार की सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि प्रखंड की आर्थिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र हैं। इसलिए इनकी स्थिति में सुधार और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था जरूरी है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन लोगों की इस समस्या के समाधान के लिए कब तक ठोस पहल करता है।
