
चतरा. केशरी चौक स्थित गौरक्षणी के सामने बुधवार को प्रशासन की जमीन खाली कराने की कार्रवाई के दौरान भयावह नजारा सामने आया जब रीना देवी (पति स्व. नरेश प्रसाद कसेरा) ने पेट्रोल छिड़ककर खुद को आग लगा ली। आसपास अफरा-तफरी मच गई; बचाने के प्रयास में उनका पुत्र धीरज कुमार और पुलिस के ASI प्रवीण कुमार भी हल्के झुलस गए। आनन-फानन में झुलसी महिला को सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रांची रिम्स के बर्न वार्ड में रेफर कर दिया गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि सुबह प्रशासनिक टीम जमीन खाली कराने के लिए पहुंची थी। परिवार ने कार्रवाई का विरोध किया और दावा किया कि उनका परिवार लगभग 100 वर्षों से वहीं रह रहा है। आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के अचानक टीम आई और परिवार को दखल-दहानी का सामना करना पड़ा। परिजन प्रदीप स्वामी नाम के एक व्यक्ति पर फर्जी कागजात बनाकर जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगा रहे हैं; हालांकि यह दावा अभी जांच के दायरे में है।
AS I प्रवीण कुमार ने बताया कि कार्रवाई के दौरान एक युवक, करण कुमार, डब्बे में पेट्रोल लेकर आया और वहां मौजूद लोगों पर पेट्रोल छिड़कने लगा। बचाने के क्रम में किसी ने माचिस जलाई और उसी समय आग भड़क उठी। उन्होंने कहा कि तत्काल बचाव और प्राथमिक उपचार न होने पर हादसा और भी भयानक हो सकता था, परंतु त्वरित प्रयासों से बड़ी त्रासदी टल गई।
सदर अस्पताल में तैनात चिकित्सकों ने बताया कि रीना देवी गंभीर रूप से झुलसी हैं। डॉ. अन्ना अंजुम ने कहा कि प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज हेतु रांची रिम्स के बर्न वॉर्ड रेफर कर दिया गया है। वहीं पुत्र धीरज और ASI प्रवीण का भी उपचार सदर अस्पताल में जारी है और उनकी हालत स्थिर बतायी जा रही है।
घटना की जानकारी फैलते ही केशरी चौक और सदर अस्पताल में भारी भीड़ जुट गई। SDPO सन्नी वर्धन, थाना प्रभारी अनिल उरांव समेत कई पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कवायद में लगे हुए हैं। प्रशासन और पुलिस अब मामले की तहकीकात कर रहे हैं और यह पता करने का प्रयास किया जा रहा है कि जमीन के कागजात और कार्रवाई की सूचना किस प्रकार दी गयी।
