
Chatra : उपायुक्त कीर्तिश्री जी के गोपनीय शाखा में कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) चतरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे मत्स्य विज्ञान के प्रशिक्षुओं के साथ एक संवादात्मक इंटरैक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज ऑफ फिशरी साइंस, गुमला के बैचलर ऑफ फिशरी साइंस (सातवां सेमेस्टर) के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। उल्लेखनीय है कि कॉलेज ऑफ फिशरी साइंस, गुमला बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित राज्य की एकमात्र मत्स्य विज्ञान शिक्षा प्रदान करने वाली संस्था है। उक्त छात्र-छात्राएं दिनांक 1 अप्रैल से 11 अप्रैल तक दस दिवसीय ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम के तहत कृषि विज्ञान केंद्र, चतरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। प्रशिक्षण के अंतिम दिन उनके द्वारा अर्जित अनुभवों एवं जानकारियों पर विस्तृत परिचर्चा की गई। उपायुक्त ने प्रशिक्षुओं से मत्स्य पालन के क्षेत्र में उनके अध्ययन, शोध एवं अनुभवों की विस्तार से जानकारी ली। साथ ही चतरा जिले में मछली पालन की संभावनाओं एवं उसके विकास के लिए आवश्यक उपायों पर भी चर्चा की। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने मत्स्य पालन से जुड़े किसानों के लिए नियमित प्रशिक्षण, आधारभूत संरचना के विकास, बायोफ्लॉक तकनीक के विस्तार, उन्नत मत्स्य पालन पद्धतियों के उपयोग तथा मछली बीज उत्पादन को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। उपायुक्त ने कृषि विज्ञान केंद्र, चतरा के वरीय वैज्ञानिक डॉ. रविंद्र मोहन मिश्रा से प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को प्रदान की गई शैक्षणिक एवं प्रायोगिक जानकारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने कुल 16 प्रशिक्षुओं (14 छात्राएं एवं 2 छात्र) के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर झारखंड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने हेतु प्रेरित किया।
