
चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित अनुसूचित जाति आवासीय बालिका विद्यालय से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक मामला सामने आया है। विद्यालय की 14 वर्षीय छात्रा,जो तीसरी कक्षा में पढ़ती है और छात्रावास में रहकर शिक्षा ग्रहण करती थी, मेडिकल जांच में गर्भवती पाई गई है। घटना सामने आते ही विद्यालय परिसर से लेकर पूरे प्रखंड में दहशत और आक्रोश फैल गया है। परिजनों को सूचना मिलते ही वे विद्यालय पहुंचे और शिक्षक तथा प्रबंधन पर कड़ी लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था में चूक का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर थाना प्रभारी प्रभात कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और त्वरित जांच की प्रक्रिया शुरू की। छात्रा और विद्यालय के प्रधानाध्यापक शंकर प्रसाद को विशेष सुरक्षा में लेकर थाने ले जाया गया,जहां प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में गहन पूछताछ की गई।
इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसी कीर्तिश्री जी ने तत्काल संज्ञान लिया और घटना की गहन जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। प्रारंभिक स्तर पर जवाबदेही तय करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक को पुलिस न्यायिक हिरासत मे लेकर जेल भेजने की प्रक्रिया में जुट गई है। छात्रा के बयान दर्ज करने के लिए एसी अरविंद कुमार एसडीओ मोहम्मद जहूर आलम,महिला थाना प्रभारी,आरईओ अंबुजा राज,तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की टीम विद्यालय और थाने में मौजूद रही। पीड़िता से बयान सुरक्षित वातावरण में लिया गया है।
घटना की जानकारी फैलते ही कई जनप्रतिनिधि भी विद्यालय और थाना पहुंचे ।
जिला परिषद अध्यक्षा ममता कुमारी ने इसे अति गंभीर मामला बताते हुए कहा कि वे डीसी और एसपी से मिलकर पीड़िता के लिए न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगी।उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि “ऐसे कृत्य पर कठोर से कठोर दंड होना चाहिए।”
नावाडीह मुखिया बसंती पन्ना ने मांग की कि यह जांच पूरी तरह निष्पक्ष,वैज्ञानिक और डीएनए रिपोर्ट पर आधारित हो,ताकि न तो कोई निर्दोष फंसे और न कोई दोषी बच सके।
मौके पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों—जिप सदस्य निशी कुमारी, बीडीओ निखिल गौरव, कमान कच्छप, इंस्पेक्टर बिपिन कुमार, थाना प्रभारी प्रभात कुमार चिकित्सा पदाधिकारी डॉ वेद प्रकाश,बीडब्लूओ दिनकर कुमार सिंह,सीआई धीरज कुमार,पूर्व जिप सदस्य सुनील दास, रेणु दास, बेचन पासवान, मुर्शीद आलम,जयहिंद पासवान सहित कई गणमान्य लोगों ने प्रशासन से शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। मामले की प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस व जिला प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। हालांकि,प्रशासनिक अधिकारी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं और कोई आधिकारिक बयान देने से परहेज कर रहे हैं, जिससे लोगों में कई सवाल उठ रहे हैं। अब पूरा प्रखंड इस बात की प्रतीक्षा कर रहा है कि जांच की रफ्तार कितनी तेज होती है और पीड़िता को न्याय कितनी शीघ्र मिलता है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि “जब परिस्थिति स्पष्ट है, तब कार्रवाई में विलंब क्यों?”
लोगों की चिंता अब इस बात पर केंद्रित है कि क्या केवल प्राचार्य का न्यायिक हिरासत में लेना पर्याप्त है या जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
