
चतरा जिले से एक हृदयविदारक सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है। हंटरगंज थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव के समीप श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जा पलटी। इस भीषण दुर्घटना में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत कुल 26 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस हादसे ने एक बार फिर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर असुरक्षित सफर और ‘श्रद्धा’ के नाम पर जान जोखिम में डालने वाली लापरवाही को उजागर कर दिया है। हादसा हंटरगंज थाना क्षेत्र के जजलो बाजार से कुछ दूरी पर स्थित सोनबरसा गांव के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, बिहार के गया जिले के शेरघाटी थाना क्षेत्र अंतर्गत उचिरमा गांव निवासी पाचू मांझी का पूरा परिवार और उनके ग्रामीण एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर चतरा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कौलेश्वरी मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर की गति काफी तेज थी। जैसे ही वाहन सोनबरसा के पास पहुँचा, चालक ने नियंत्रण खो दिया और पूरी ट्रॉली सड़क किनारे एक गड्ढे में पलट गई। ट्रॉली के नीचे दबने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही हंटरगंज थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुँची और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। हादसे में घायल होने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। सभी घायलों को तुरंत हंटरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया, जहाँ से उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बिहार के गयाजी स्थित मगध मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। जानकारों के मुताबिक, करीब आधा दर्जन लोगों की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिनमें दो महिलाएं और दो बच्चियों की हालत सबसे ज्यादा चिंताजनक है। चार घायलों का उपचार जजलो के एक निजी स्वास्थ्य केंद्र में भी चल रहा है।हादसे में घायल होने वाले सभी लोग गया के शेरघाटी के रहने वाले हैं, जिनमें मुख्य रूप से: रंजन कुमार, राहुल कुमार, राकेश कुमार, प्रीति कुमारी, पूनम कुमारी, नितेश कुमार, मनोज मांझी, पायल कुमारी, रामदही मांझी, सैउनी देवी, सुरमिया देवी, मुन्नी देवी, सन्नी देवी, मिथलेश मंडल, मिथलेश मांझी, मैनी देवी, राधिका कुमारी और बेमतीया शामिल हैं।लगातार हो रहे इन हादसों को देखते हुए हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कड़ी अपील करते हुए कहा कि धार्मिक यात्राओं के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली या किसी भी खुले वाहन का उपयोग न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रॉली माल ढोने के लिए है, इंसानों के सफर के लिए नहीं। पुलिस ने श्रद्धालुओं से सुरक्षित वाहनों का ही इस्तेमाल करने का आग्रह किया है ताकि किसी का हंसता-खेलता परिवार उजड़ने से बच सके। कौलेश्वरी मंदिर में उमड़ती भारी भीड़ के बीच इस तरह के हादसे प्रशासन और आम जनता दोनों के लिए सबक हैं। अब सवाल यह है कि क्या इस घटना के बाद श्रद्धालु सुरक्षित सफर को प्राथमिकता देंगे?
संवाददाता,प्रवीण कुमार सिंह
