
कान्हाचट्टी (चतरा): चतरा जिले के कोल्हैया गांव का ऐतिहासिक पशु मेला, जो कभी क्षेत्र की शान था, आज अवैध धंधों और पशु तस्करी की भेंट चढ़ गया है। पांच किलोमीटर दूर तक गूंजने वाली चहल-पहल अब गुंडागर्दी और अवैध वसूली की आवाजों से भर गई है।अतीत में उत्सव, आज अपराध का अड्डा,बुजुर्ग ग्रामीणों का कहना है कि पहले यह मेला सांस्कृतिक संगम था। दूर-दराज से किसान-व्यापारी आते, अनुशासित व्यापार होता। लेकिन अब असली व्यापारी गायब, संदिग्ध तस्कर हावी। जंगलों के रास्तों से तस्करी हो रही है।प्रशासन चुप, ग्रामीण परेशान
स्थानीयों का आरोप—अवैध रसीदें काटी जा रही हैं। पिछले खुलासों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं। ग्रामीणों ने मांग की: “वैध मेला बहाल करें, तस्करों पर सख्ती करें।”
