
चतरा : एक मां का सहारा, एक गांव का लाल—18 साल का अभिषेक उर्फ निर्भय—बीती रात लेम खरिक गांव के सुनसान मैदान में खून से लथपथ पड़ा मिला। सदर थाना क्षेत्र के इस खौफनाक मंजर ने पूरे पेलतौल गांव को शोक की चादर ओढ़ा दी। राजपुर थाना क्षेत्र के पेलतौल निवासी लक्ष्मी सिंह का इकलौता लाल, जो शाम को दोस्त गोलू के साथ हंसता-खेलता निकला था, रातोंरात मौत के मुंह में समा गया। मां की गोद उजड़ गई, बाप की उम्मीदें चूर-चूर!परिजनों का सीना छलनी हो गया। “मेरा निर्भय तो शाम को बोला था, मां जल्दी लौटूंगा,” रोते हुए लक्ष्मी सिंह ने बताया। लेकिन वो शाम कभी न लौटी। नवडीहा गांव का गोलू कुमार, जो अभिषेक के साथ था, अब लापता है। फोन बंद, कोई सुराग नहीं—संदेह का काला बादल छा गया। क्या दोस्त ने धोखा दिया? क्या कोई दुश्मनी ने यह कृत्य रच दिया?रात्रि गश्ती दल ने शव देखा तो रोंगटे खड़े हो गए। सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस हर कोने की तलाशी ले रही है—हत्या है या साजिश? लेकिन परिवार का रो-रोकर बुरा हाल देखकर कोई भी पिता-पुत्र का कलेजा फट जाए।
कान्हाचट्टी संवाददाता: नितेश कुमार सिंह
