
चतरा। कुपोषण की क्रूर चपेट में फंसे अपने नन्हे-मुननों के लिए दिन-रात संघर्ष कर रही मांएं अब सांस ले सकेंगी। जिले के कुपोषण उपचार केंद्र (MTC) में इलाज कराने आने वाली इन बहादुर माताओं को अब 130 रुपये प्रतिदिन की प्रोत्साहन राशि डिस्चार्ज के ठीक समय पर सीधे हाथों में थमाई जाएगी—बिना बैंक की लंबी-लंबी कतारों के कष्ट के।पहले यह राशि बैंक खाते में जाती थी, जिससे गांव-गांव से पैदल या साइकिल पर पहुंचने वाली गरीब मांएं घंटों इंतजार करतीं, अपमान सहतीं और भूखे पेट लौटतीं। लेकिन अब उपायुक्त कीर्तिश्री ने इन ममत्वपूर्ण आंसुओं को पहचाना। उनकी संवेदनशीलता से नकद भुगतान का प्रावधान मंजूर हुआ है। आज इसी खुशी की लहर में केंद्र से डिस्चार्ज हुईं नगवा की निशु कुमारी, प्रतापपुर सिजुआ की रेशमी देवी और बानसम की सुगिया देवी। डॉ. आशीष कुमार ने उनके कांपते हाथों में नकद राशि सौंपी।मांओं की आंखों में चमक आ गई। निशु ने कहा, “अब न बैंक का तिरस्कार, न इंतजार की तड़प। घर जाते ही बच्चों के लिए दूध-दवा ले लूंगी।” यह छोटा-सा बदलाव चतरा की माताओं के जीवन में बड़ी उम्मीद जगाता है—कुपोषण के खिलाफ जंग अब सिर्फ दवा की नहीं, दिल की भी है।
