
चतरा : समाज की उन काली परंपराओं पर प्रहार करने का संकल्प! बाल विवाह की बेड़ियां तोड़कर बेटियों को उड़ान देने और डायन प्रथा जैसी क्रूर कुरीतियों को जड़ से मिटाने के लिए चतरा ने एकजुट होकर दृढ़ इरादा लिया। जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट प्रशिक्षण भवन में आयोजित अनुमंडल स्तरीय कार्यशाला ने हर दिल को छू लिया, जहां सैकड़ों हितधारकों ने आंसुओं भरी आंखों से शपथ ली – “हमारा जिला, बाल विवाह मुक्त झारखंड का गढ़ बनेगा!”दीप प्रज्वलन से शुरू हुई यह भावुक सभा में उपायुक्त श्रीमती कीर्तिश्री ने सभी को शपथ दिलाई। उनकी आवाज में दर्द और दृढ़ता थी: “चतरा को बाल विवाह मुक्त बनाना हमारा कर्तव्य है। एक भी बेटी का भविष्य न बिगड़े, यह वादा है!” जिला परिषद अध्यक्ष ममता कुमारी ने गुस्से और अपील भरे स्वर में कहा, “बाल विवाह और डायन प्रथा ने अनगिनत परिवार बर्बाद किए। ये अपराध हैं, इन्हें रोकना हमारी जिम्मेदारी!”राज्य परामर्शदाता गौतम कुमार, अविनाश कुमार व प्रियंका रानी ने कानूनी हथियार सिखाए – बालिकाओं की शादी 18, बालकों की 21 वर्ष बाद! केंद्र के सौ दिवसीय अभियान से प्रेरित जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रेणु रवि ने कहा, “हर गांव, हर घर बाल विवाह मुक्त बने, तभी भारत का सपना साकार होगा।”प्रखंड विकास पदाधिकारी कुंदा के धन्यवाद के साथ समाप्त हुई यह सभा प्रेरणा का स्रोत बनी। प्रखंड अधिकारी, मुखिया, आंगनबाड़ी बहनें, शिक्षक, सहिया दीदियां और स्वयं सहायता समूह की नारी शक्ति ने हिस्सा लिया। अब चतरा की धरती पर बदलाव की बयार बह रही है!
