
हजारीबाग पुलिस ने आलोक गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये चार अपराधी पहले प्रतिबंधित संगठन टीपीसी से जुड़े थे, बाद में उन्होंने अलग गिरोह बनाया, जिसे उन्होंने “आलोक गिरोह” नाम दिया। गिरफ्तारी के दौरान इनके पास से तीन पिस्तौल, एक कार्बाइन गन, 9 जिंदा कारतूस, 8 मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद हुआ है।पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन को गुप्त सूचना मिली थी कि केरेडारी थाना क्षेत्र के बुंडू जंगल में हथियारबंद अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। एसडीपीओ पवन कुमार के नेतृत्व में टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अर्जुन करमाली उर्फ जयकांत उर्फ भैरव सिंह, समीर कुमार, राहुल कुमार और निखिल विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया।पूछताछ में अर्जुन करमाली ने बताया कि राहुल तूरी के मारे जाने के बाद आलोक गिरोह का संचालन उन्होंने संभाला। बताया गया कि इसी गिरोह ने 23 नवंबर को बुंडू में रूपलाल करमाली की हत्या की थी, जिसमें उन्हें डायन बिसाही का झूठा आरोप लगाकर गोली मार दी गई।आलोक गिरोह रामगढ़, रांची, चतरा और हजारीबाग में सक्रिय था। ये गिरोह एनटीपीसी, एमडीओ कंपनियों और ट्रांसपोर्टरों से लेवी वसूलता था और अपराध करता था। अर्जुन करमाली पर 15 मामले दर्ज हैं, जो हजारीबाग, चतरा और रांची के विभिन्न थानों में पंजीकृत हैं।
