
Chatra : उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने आज टंडवा प्रखण्ड क्षेत्र में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टंडवा और कुपोषण उपचार केंद्र टंडवा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर की स्वच्छता, मरीजों को उपलब्ध उपचार सुविधा, दवाओं की स्थिति, पोषण उपचार से जुड़े प्रबंध तथा सभी चिकित्साकर्मियों की उपस्थिति का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएँ जनता का मूल अधिकार हैं और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। निरीक्षण के क्रम में सिविल सर्जन डॉक्टर जगदीश प्रसाद, अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया सन्नी राज, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी टंडवा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी नीतू सिंह, जिला शिक्षा अधीक्षक रामजी कुमार और प्रखंड विकास पदाधिकारी टंडवा सहित जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। निरीक्षण के बाद उपायुक्त सिमरिया प्रखंड के इचाक पंचायत पहुँचीं, जहाँ “आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम अंतर्गत चल रहे सेवा का सप्ताह शिविर का उन्होंने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर में उपस्थित लाभुकों से संवाद स्थापित किया तथा मौके पर ही धोती-साड़ी, जन्म प्रमाण पत्र, जॉब कार्ड, योजनाओं के स्वीकृति पत्र और अन्य प्रमाण-पत्रों का वितरण किया। उपायुक्त ने यह भी निर्देशित किया कि सभी लाभुकों को योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और त्वरित प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराया जाए ताकि जनसरोकार वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रभावी रूप से पूरा हो सके।
सेवा का सप्ताह कार्यक्रम के तहत आज 24 नवंबर को जिले के चतरा प्रखंड के देवरिया, मोकतमा और आरा पंचायत, गिद्धौर प्रखंड के मंझगांवा पंचायत, हंटरगंज प्रखंड के नावाडीह पनारी, गोंसाईडीह, केदली कला, तिलहेत और उरैली पंचायत, प्रतापपुर प्रखंड के टण्डवा, रामपुर और प्रतापपुर पंचायत, कुन्दा प्रखंड के मरगड़ा पंचायत, लावलौंग प्रखंड के मंधनिया पंचायत, सिमरिया प्रखंड के कसारी और इचाक पंचायत, ईटखोरी प्रखंड के टोनाटांड और पितीज पंचायत, मयूरहंड प्रखंड के पेटादेरी पंचायत, कान्हाचट्टी प्रखंड के तुलबुल पंचायत, पत्थलगड़ा प्रखंड के सिंघानी पंचायत तथा टण्डवा प्रखंड के कोयद, पोकला उर्फ कसियाडीह और डहू पंचायत में शिविरों का आयोजन किया गया। इसी प्रकार नगर परिषद चतरा क्षेत्र में वार्ड संख्या 07 स्थित अटल क्लिनिक तथा वार्ड संख्या 08 और 09 स्थित कर्मचारी भवन में भी शिविर आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में लाभुक उपस्थित हुए और विभिन्न सेवाओं का लाभ उठाया। जिला प्रशासन द्वारा 25 नवंबर को भी व्यापक पैमाने पर शिविरों के आयोजन का कार्यक्रम निर्धारित है, जिसके अंतर्गत चतरा प्रखंड के डाढा, पाराडीह और सिकिद पंचायत, गिद्धौर प्रखंड के पहरा पंचायत, हंटरगंज प्रखंड के जबड़ा, सलैया, कोबना और तरवागड़ा पंचायत, प्रतापपुर प्रखंड के चन्द्रीगोविन्दपुर, मोन्या और सिदकी पंचायत, कुन्दा प्रखंड के बोधाडीह पंचायत, लावलौंग प्रखंड के लावालौंग पंचायत, सिमरिया प्रखंड के सेरेनदाग, पीरी और हुरनाली पंचायत, ईटखोरी प्रखंड के हलमता और शहरजाम पंचायत, मयूरहंड प्रखंड के सोकी पंचायत, कान्हाचट्टी प्रखंड के राजपुर पंचायत, पत्थलगड़ा प्रखंड के नोंनगांव पंचायत तथा टण्डवा प्रखंड के किचटो, धनगड़ा और पदुमपुर पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे। इसी क्रम में नगर परिषद चतरा के वार्ड संख्या 10 और 11 में जलछाजन भवन तथा वार्ड संख्या 12 और 16 में दिवानखाना चतरा में भी शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 22 नवंबर को जिले के विभिन्न प्रखंडों में आयोजित शिविरों में भी बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। इस दिन चतरा प्रखंड के ब्रहमणा और बरैनी पंचायत, गिद्धौर प्रखंड के बारीसाखी पंचायत, हंटरगंज प्रखंड के दंतार, पैनीकला, कटैया, जोरी कला और करैलीवार पंचायत, प्रतापपुर प्रखंड के हुमाजांग और भरही पंचायत, कुन्दा प्रखंड के सिकीदाग पंचायत, लावलौंग प्रखंड के सिलदाग पंचायत, सिमरिया प्रखंड के जबड़ा और चोपे पंचायत, ईटखोरी प्रखंड के धूना और ईटखोरी पंचायत, मयूरहंड प्रखंड के फुलांग पंचायत, कान्हाचट्टी प्रखंड के कोल्हैया पंचायत, पत्थलगड़ा प्रखंड के बरवाडीह पंचायत और टण्डवा प्रखंड के सराढू, कबरा तथा बचरा उत्तरी पंचायत में शिविर संचालित हुए। इसी दिन नगर परिषद चतरा के वार्ड संख्या 02, 03 और 04 में आश्रयगृह डोमसीटवा तथा वार्ड संख्या 05 और 06 में म.वि. दिभा स्कूल में भी शिविर आयोजित किए गए, जिनमें कुल 13024 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2867 आवेदनों का तत्काल निष्पादन किया गया, 20 आवेदन रिजेक्ट हुए, 10102 आवेदन लंबित हैं तथा 35 आवेदन इन प्रोग्रेस में हैं। उपायुक्त ने कहा कि सेवा का सप्ताह कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाना और पात्र लाभुकों को समयबद्ध तथा सरल प्रक्रिया के माध्यम से लाभ प्रदान करना है। उन्होंने सभी प्रखंडों को निर्देशित किया है कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक लाभुक की समस्या का समुचित समाधान सुनिश्चित किया जाए और यह प्रयास किया जाए कि कोई भी योग्य नागरिक योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
