चतरा / लावालौंग: प्रखण्ड के अति प्रभावित क्षेत्र कहे जाने वाले रिमी पंचायत अंतर्गत रामपुर गाँव में केंद्र सरकार की महत्व कांक्षी योजना मनरेगा योजना को प्रखण्ड कर्मियों ने तार तार कर दिया है। मनरेगा योजना के अंतर्गत संचालित नव निर्माण डोभा और कुआं को खुले आम जेसीवी से कटाई की जा रही है। जिसका नतीजा है कि यहां के मजदूर किसी अन्य राज्य में मजदूरी के लिए पलायन होने पर मजबूर हैं। वहीं प्रखण्ड के जेई रोजगार सेवक और अन्य मिल कर रूपये की बंदरबाट धड़ल्ले से कर रहे है। और तो और एक हीं स्थान पर दो डोभा कटाई की गयी है। जहां गड्डा नुमा खेत को हीं अपना निशाना बना महज दस से पंद्रह हजार जेसीवी में खर्च कर डोभा अकारनुमा बना कर बाकी के रूपये में बंदर बांट कर ली जा रही है।जबकि एक डोभा का प्राक्कलित राशि लगभग 4 लाख है। किंतु महज 10 से 15 हजार रूपये खर्च कर बंदर बाट कर ली जा रही है। सरकारी कर्मचारियों को विकास से कोई वास्ता नहीं है ना कोई लेना देना है। इधर केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक मजदूरों को पलायन रोकने के लिए साथ हीं पानी का संचय किया जा सके इसी उद्देश्य से मनरेगा योजना अंतर्गत डोभा का निर्माण कराया जा रहा है। किंतु सुदूरवर्ती क्षेत्र होने का लाभ उठाते हुए जेई और रोजगार सेवक लाभुक के मिली भगत से मशीन का उपयोग करवा कर सरकारी रूपये का धड़ल्ले से गमन कर रहें है। इधर जेई सिकंदर से बात करने पर बताया कि क्या करें मजदूर नहीं मिलता है तो लोग क्या करेगा किसी तरह योजना को पूरा करना है इसी वजह से जेसीवी से लाभुक डोभा और कुआं का कटाई कर रहे हैं। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि हम लोगों को मजदूरी करने के लिए काम नहीं मिलता है ठीकेदार लोग अंधाधुंध जेसीवी से रात हो दिन जेसीवी से कुआं हो या डोभा को कटाई कर दे रहे हैं ।
लावालौंग,मोहम्मद साजिद

