मयूरहंड (चतरा) भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित दही चुडा कार्यक्रम में क्षेत्र के विधायक किसुन कुमार दास और इनके पुत्र पंकज राज बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। भाजपा द्वारा आयोजित दही चूड़ा कार्यक्रम का आयोजन इटखोरी मयूरहंड सीमा पर बसे बभनडीह गांव में किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के गणमान्य कार्यकर्ताओं ने अपनी बातों को रखते हुए कहां कभी देश में भारतीय जनता पार्टी का एक दो सांसद हुआ करते थे और पूरा देश भाजपा पर हंसा करता था लेकिन सन 2014 में एक ऐसा सूर्य का उदय हुआ जिसने पूरे भारत की दिशा और दशा ही बदल कर रख दिया। यहां पर सूर्य का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर किया गया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विश्वस्तरीय नेता बन चुके हैं आज पूरे देश में भाजपा का सर चढ़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति दीवानगी देखने को मिलता है।भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि लगातार 60 से 65 सालों तक कांग्रेस ने राज किया और भारत को गर्त में धकेल दिया लेकिन आज हमारे रात के बीच जो सूर्य चमक रहा है वह हमें पूरी दुनिया में एक नया जोश और खुद पर गर्व करने का सौगात दिया। कार्यक्रम में महिला और पुरुषों की संख्या करीब 5 साल के आसपास थी बीच-बीच में लोग जय श्री राम के नारे लगाते रहे और फिर से एक बार आने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को वोट भी देने का आग्रह किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक किसुन कुमार दास ने कहा झारखंड में भ्रष्टाचार चरम पर है और सरकार सोई हुई है। किशोर कुमार दास ने कहा भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने झारखंड को विकास और तरक्की के पटरी पर लाया था लेकिन झारखंड में जैसे ही महागठबंधन की सरकार बनी वैसे ही झारखंड में लूट और खसोट बढ़ गया झारखंड किसका गलत हाथों में चले जाने के कारण झारखंड फिर से एक बार बर्बादी के मुहाने पर पहुंच गया। किशोर कुमार दास ने कहा कि सिमरिया विधानसभा में विकास की गंगा बहायी जा रही है जितने भी जीर्ण शीर्ण अवस्था में सड़क है उनका नवीनीकरण किया जा रहा है ताकि प्रखंड के लोगों को आवागमन में सुगमता हो।हालांकि आपको बता दें कि झारखंड में विधानसभा चुनाव होने में अब गिने चुने दिन बचे हैं ऐसे में वोट बैंक की राजनीति अभी से ही शुरू हो गई है और वोटरों को लॉलीपॉप थमाया जा रहा है। अभी भी प्रखंड मुख्यालय में लोगों को भारिया सुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है प्रखंड में सरकारी अस्पताल तो है लेकिन डॉक्टर नहीं हैं।प्रखंड तो बना लेकिन यहां कर्मचारी नहीं हैं।थाना तो है लेकिन पुलिस के सशस्त्र जवानों की संख्या जरूरत के हिसाब से कम है।आम लोगों से जुड़ी अन्य और भी समस्याएं हैं जिसका निदान का अनुपात बहुत ही कम है अब देखना है चूड़ा दही और तिलकुट क्या-क्या गुल खिलाता है।
राजकुमार दांगी

