
चतरा में एक बार फिर मानवता शर्मसार हुआ है । सिविल सर्जन कार्यालय से महज कुछ दूरी पर कठोतिया तालाब से सटे नाले के किनारे एक नवजात बच्ची का शव फेंका मिला। वह मासूम, जो अभी दुनिया में आई ही थी, किसी क्रूर हाथों ने उसकी कोमल जिंदगी छीन ली। यह दिल दहला देने वाला दृश्य पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है, हर आंख नम और हर दिल टूटा हुआ है। सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ संदीप सुमन दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल भिजवाया वहीं स्थानीय लोगों ने कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक घटना है लोगों ने कहा कि कोई माँ कैसे इतना पत्थर दिल हो सकती है जो जन्म से पहले ही बच्चे को गर्भपात करवा कर कूड़े में फेंक दिया वही स्थान जनप्रतिनिधि वार्ड नंबर 1 के वार्ड पार्षद वासुदेव यादव ने बताया कि ऐसी घटना पहले भी घट चुकी है उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन से हम मांग करते हैं कि इसकी जांच हो और दोषियों की कड़ी सजा मिले यह घटना कानून-व्यवस्था पर नहीं, बल्कि हमारी समाज की गहरी दरारों पर सवाल उठाती है। जहां सरकार ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का नारा दे रही है, वहीं निर्दोष बेटियां कूड़े-नालों में मिल रही हैं—यह कैसी विडंबना है चतरा में ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। अब समय है कि प्रशासन सिर्फ केस दर्ज कर कार्रवाई न करे, बल्कि जड़ तक जाकर जागरूकता फैलाए, और निगरानी मजबूत करे और दोषियों को सजा दे। वरना, हर मासूम की चीख अनसुनी होती रहेगी और मानवता का चेहरा और काला पड़ता जाएगा।
